बिहार, यूपी, दिल्ली समेत 20 राज्यों में बारिश का अलर्ट, तेज हवाओं का भी अनुमान

Rashmi Tiwari

NEWS PR डेस्क: सितंबर की शुरुआत के साथ ही देश के कई हिस्सों में मानसून फिर से जोर पकड़ सकता है। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय मौसमी सिस्टम के पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने के कारण पूर्वी, मध्य और उत्तर भारत के कई राज्यों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है। 2 सितंबर को करीब 20 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की भी आशंका जताई गई है।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, गंगीय पश्चिम बंगाल और आसपास के क्षेत्रों के ऊपर बना निम्न दबाव का क्षेत्र अगले 48 घंटे में पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ सकता है। इसके प्रभाव से ओडिशा, झारखंड और मध्य भारत के कई हिस्सों में मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
दिल्ली-NCR में फिर बढ़ेगी बारिश
पिछले कुछ दिनों से दिल्ली-NCR में बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत कम रही हैं, लेकिन 2 सितंबर से मौसम करवट ले सकता है। दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ के कुछ हिस्सों में भारी बारिश के साथ गरज-चमक होने की संभावना है। तेज बारिश की स्थिति में राजधानी के निचले इलाकों में जलभराव और प्रमुख सड़कों पर ट्रैफिक की परेशानी बढ़ सकती है। बिजली चमकने के दौरान लोगों को खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी जाती है।
बारिश से तापमान में कुछ गिरावट जरूर आ सकती है, हालांकि उमस पूरी तरह खत्म होने की संभावना नहीं है। IMD के अनुमान के मुताबिक 3 और 4 सितंबर को भी दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में बारिश का दौर जारी रह सकता है।
उत्तर प्रदेश में भी सक्रिय रहेगा मानसून
उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में बुधवार को बारिश होने की संभावना है। खासकर पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। कई जिलों में बादल छाए रहने के साथ गरज-चमक और रुक-रुककर बारिश का सिलसिला देखने को मिल सकता है। लगातार बारिश की स्थिति में निचले इलाकों, स्थानीय नालों और जलस्रोतों के जलस्तर में बढ़ोतरी हो सकती है। IMD ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी 1 से 5 सितंबर के दौरान अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है।
उत्तराखंड में बारिश के साथ बढ़ेगा भूस्खलन का खतरा
उत्तराखंड में भी मानसून की सक्रियता बनी हुई है। 2 से 7 सितंबर के बीच राज्य के कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना है। पहाड़ी क्षेत्रों में तेज बारिश के चलते भूस्खलन, मलबा गिरने और सड़क मार्ग बाधित होने जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं। बारिश के दौरान पहाड़ी नदियों और बरसाती नालों का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है। ऐसे में पर्यटकों और पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा करने वाले लोगों को मौसम विभाग के अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
बिहार में 2 से 4 सितंबर तक बारिश का असर
बिहार में भी सितंबर की शुरुआत बारिश के साथ होने की संभावना है। राज्य के कई हिस्सों में 2 से 4 सितंबर के बीच भारी बारिश हो सकती है। इसके साथ गरज-चमक और तेज हवाओं का भी अनुमान है। कुछ स्थानों पर हवा की गति करीब 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
झारखंड में तेज बारिश और हवाओं का अनुमान
मौसम प्रणाली का असर झारखंड में भी देखने को मिलेगा। राज्य के आसपास सक्रिय निम्न दबाव और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के प्रभाव से कई इलाकों में बारिश तेज हो सकती है। कुछ स्थानों पर भारी बारिश के साथ गरज-चमक और झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है। 1 और 2 सितंबर को भारी बारिश के कारण निचले इलाकों और नदी-नालों के आसपास विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत होगी।
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का अलर्ट
मध्य भारत में बुधवार को बारिश का असर सबसे ज्यादा देखने को मिल सकता है। IMD ने छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव हो सकता है। नदी-नालों में पानी बढ़ने और निचले क्षेत्रों में परेशानी की आशंका भी बनी हुई है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी बारिश की गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है।
बंगाल और ओडिशा से शुरू हुआ सिस्टम बढ़ाएगा बारिश
मौसम में इस बदलाव की शुरुआत बंगाल की खाड़ी और उसके आसपास के क्षेत्रों से हुई मौसमी गतिविधियों से जुड़ी है। 2 सितंबर को गंगीय पश्चिम बंगाल और ओडिशा के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है।
ओडिशा के तटीय क्षेत्रों में बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है। कुछ जगहों पर हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को स्थानीय मौसम चेतावनियों पर नजर रखने की जरूरत होगी। कुल मिलाकर, बंगाल की खाड़ी से आगे बढ़ रहा मौसमी सिस्टम पूर्वी भारत से मध्य भारत और फिर उत्तर भारत के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियों को प्रभावित कर सकता है। सितंबर के शुरुआती दिनों में कई राज्यों में मौसम सक्रिय रहने की संभावना है।

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