NEWS PR डेस्क: कटिहार: नेपाल में आई बाढ़ की त्रासदी के बाद बिहार के कई जिलों को अलर्ट पर रखा गया है हालांकि कटिहार इस अलर्ट सूची में शामिल नहीं है, लेकिन जिले के गंगा और कोसी नदी से सटे निचले इलाकों में बाढ़ के हालात लोगों के लिए लगातार चुनौती बने हुए हैं। बरारी प्रखंड की मोहना चांदपुर पंचायत से सामने आई तस्वीरें प्रशासनिक तैयारियों पर सवाल खड़े कर रही हैं।
पानी में डूबे इलाके, नाव के सहारे जिंदगी
मोहना चांदपुर पंचायत के कई इलाकों में बाढ़ का पानी फैल गया है। लोगों को एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी ग्रामीणों को पानी पार करके आवागमन करना पड़ रहा है। इस बीच सबसे चिंताजनक तस्वीर यह सामने आई है कि कई जगह नाव चलाने की जिम्मेदारी छोटे-छोटे बच्चों के हाथों में है। ग्रामीण इन नन्हे नाविकों की नाव पर सवार होकर बाढ़ के पानी को पार कर रहे हैं और इसके बदले उन्हें पैसे भी दे रहे हैं।
बिना सुरक्षा इंतजाम बच्चों से नाव चलवाना चिंता का विषय
बाढ़ के तेज बहाव के बीच बच्चों से नाव चलवाना बेहद जोखिम भरा है। नाव पर सवार लोगों की सुरक्षा के लिए जरूरी इंतजाम भी नजर नहीं आ रहे हैं। ऐसे में अगर पानी का बहाव अचानक बढ़ता है या नाव का संतुलन बिगड़ता है, तो बड़ा हादसा हो सकता है।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में प्रशिक्षित नाविकों और सुरक्षित नावों की व्यवस्था होना जरूरी है, लेकिन जमीनी स्तर पर सामने आई तस्वीरें कुछ और ही कहानी बयां कर रही हैं।

सांसद तारिक अनवर ने उठाए सवाल
बरारी इलाके के दौरे पर पहुंचे कटिहार सांसद तारिक अनवर ने भी नन्हे बच्चों के नाव चलाने के मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने इस तरह के नाव परिचालन पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। तारिक अनवर ने शासन और प्रशासन से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षित नावों की व्यवस्था करने के साथ प्रशिक्षित नाविकों को तैनात करने की मांग की। उन्होंने कहा कि लोगों की जान जोखिम में डालकर नाव का संचालन नहीं होना चाहिए।
हादसे से पहले ठोस कदम उठाने की मांग
सांसद का कहना है कि सरकार और प्रशासन की ओर से बाढ़ को लेकर किए जा रहे दावों के बावजूद जमीनी हकीकत अलग दिखाई दे रही है। ऐसे में किसी बड़े हादसे का इंतजार करने के बजाय प्रशासन को समय रहते जरूरी कदम उठाने चाहिए।
फिलहाल मोहना चांदपुर पंचायत के बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों की आवाजाही नाव के भरोसे चल रही है। नन्हे बच्चों के हाथों में नाव की पतवार होना न सिर्फ उनकी सुरक्षा बल्कि नाव पर सवार ग्रामीणों की जिंदगी के लिए भी गंभीर खतरा बना हुआ है।
कटिहार से रिपोर्टर : रतन कुमार