तकनीकी शिक्षा, स्टार्टअप और डिजिटल विकास से बिहार को मिलेगी नई गति: मुख्यमंत्री

Amit Singh
- Advertisements -
Your Brand Here
Limited time offer
Advertise Now →

NEWS PR डेस्क: पटना, 19 जुलाई 2026: मुख्यमंत्री सह बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय, पटना के कुलाधिपति सम्राट चौधरी ने कहा कि तकनीकी शिक्षा, स्टार्टअप और डिजिटल विकास ही बिहार को नई दिशा और गति देंगे। उन्होंने युवाओं से नौकरी तलाशने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले बनने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री शनिवार को पटना स्थित सम्राट अशोक कन्वेंशन सेंटर के ज्ञान भवन में आयोजित बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय के तृतीय दीक्षांत समारोह का उद्घाटन कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने शैक्षणिक सत्र 2024-25 के बीटेक एवं एमटेक के मेधावी छात्र-छात्राओं को स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक, प्रशस्ति पत्र तथा प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को 50 हजार रुपये का चेक प्रदान कर सम्मानित किया।

युवाओं से कहा- रोजगार देने वाले बनें

दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कार्यक्रम केवल डिग्री वितरण का अवसर नहीं, बल्कि बिहार के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखने का मंच है। उन्होंने कहा कि इंजीनियर की पहचान केवल उसकी डिग्री से नहीं, बल्कि उसके नवाचार, तकनीकी दक्षता और समाज के लिए किए गए कार्यों से होती है।

- Advertisements -
Your Brand Here
Limited time offer
Advertise Now →

उन्होंने कहा कि 21वीं सदी की अर्थव्यवस्था ज्ञान, डेटा, तकनीक और नवाचार पर आधारित है। ऐसे में बिहार के युवाओं को आधुनिक तकनीक, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ना होगा।

इंजीनियरिंग कॉलेजों में मात्र 10 रुपये और पॉलिटेक्निक में 5 रुपये शुल्क

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार देश का ऐसा राज्य है, जहां सभी 38 जिलों के सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में मात्र 10 रुपये तथा पॉलिटेक्निक संस्थानों में 5 रुपये शुल्क पर तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने इसे राज्य सरकार की शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता का उदाहरण बताया।

विक्रमशिला विश्वविद्यालय का होगा पुनर्स्थापन

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार की गौरवशाली शैक्षणिक विरासत को पुनर्जीवित करने के लिए प्राचीन विक्रमशिला विश्वविद्यालय का पुनर्स्थापन किया जा रहा है। इसके लिए 220 एकड़ भूमि भारत सरकार को उपलब्ध कराई जा चुकी है।

उन्होंने यह भी घोषणा की कि मुजफ्फरपुर में आर्किटेक्चर एवं सिविल इंजीनियरिंग विश्वविद्यालय तथा भागलपुर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं कंप्यूटर साइंस विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी, जिससे तकनीकी शिक्षा और शोध को नई दिशा मिलेगी।

युवाओं से मांगे सुझाव

मुख्यमंत्री ने युवाओं से “बिहार टेक” के माध्यम से अपने सुझाव देने की अपील करते हुए कहा कि स्टार्टअप, इनोवेशन और डिजिटल तकनीक के जरिए बिहार विकसित और समृद्ध राज्य बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा। राज्य सरकार युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए लगातार कार्य कर रही है।

तीन इंजीनियरिंग कॉलेजों की परियोजनाओं का लोकार्पण

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने रिमोट माध्यम से तीन महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का लोकार्पण भी किया। इनमें शामिल हैं—

राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय, जमुई में 3.49 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित अतिरिक्त बालिका छात्रावास तल।
राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय, किशनगंज में 77.58 करोड़ रुपये की लागत से कराए गए अतिरिक्त विकास कार्य।
अभियंत्रण महाविद्यालय, सुपौल में 26.02 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 300 बेड वाले अतिरिक्त बालिका छात्रावास भवन।
प्रदर्शनी का किया अवलोकन

मुख्यमंत्री ने बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। समारोह में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सुरेश कांत वर्मा ने मुख्यमंत्री का पौधगुच्छ एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजयेंद्र प्रसाद यादव, विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री शीला कुमारी, शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, विश्वविद्यालय के पदाधिकारी, शिक्षक, छात्र-छात्राएं एवं बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित थे।

- Advertisements -
Your Brand Here
Limited time offer
Advertise Now →
Share This Article