संसद और विधानसभा लोकतंत्र का मंदिर, हंगामा छोड़ सकारात्मक विपक्ष की भूमिका निभाएं राहुल व तेजस्वी: मंगल पांडेय

Amit Singh
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NEWS PR डेस्क: पटना, 19 जुलाई। बिहार सरकार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता मंगल पांडेय ने 20 जुलाई 2026 से शुरू हो रहे बिहार विधानमंडल के मानसून सत्र तथा दिल्ली में शुरू हो रहे संसद के सत्र के सुचारू और शांतिपूर्ण संचालन को लेकर विपक्ष से रचनात्मक सहयोग की अपील की है।

रविवार को जारी बयान में मंगल पांडेय ने कहा कि संसद और राज्य की विधानसभाएं लोकतंत्र का पवित्र मंदिर हैं, जहां जनता की समस्याओं, प्रदेश और देश के विकास से जुड़े मुद्दों पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि विपक्ष ने इन सदनों को राजनीतिक नौटंकी, हंगामे और व्यवधान का केंद्र बना दिया है।

मंगल पांडेय ने विपक्ष के रवैये पर निशाना साधते हुए कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी राष्ट्रीय स्तर पर केवल भ्रम, झूठ और नकारात्मकता की राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि एक जिम्मेदार विपक्ष के नेता के रूप में देश के विकास के लिए रचनात्मक सुझाव देने के बजाय राहुल गांधी का पूरा ध्यान संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने और हर मुद्दे पर गैर-जिम्मेदाराना बयानबाजी करने पर केंद्रित रहता है। उन्होंने कहा कि देश की जनता उनके इस रवैये को देख रही है और सब समझ रही है।

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भाजपा नेता ने बिहार की राजनीति का जिक्र करते हुए कहा कि यही स्थिति बिहार में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की भी है। उन्होंने आरोप लगाया कि तेजस्वी यादव के पास जनता से जुड़े मुद्दों पर न तो कोई ठोस विजन है और न ही कोई स्पष्ट नीति। उनके अनुसार, जब भी विधानमंडल का सत्र शुरू होता है, राष्ट्रीय जनता दल और उसके सहयोगी केवल शोर-शराबा कर सदन का बहुमूल्य समय बर्बाद करने की योजना बनाते हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष में बैठकर उनकी जिम्मेदारी जनता की आवाज उठाने की है, न कि सदन की कार्यवाही में बाधा डालने की।

मंगल पांडेय ने यह भी कहा कि इस बार तेजस्वी यादव के विदेश दौरे पर होने की चर्चा पहले से ही हो रही है। उन्होंने इसे गैर-जिम्मेदाराना रवैया बताते हुए कहा कि इससे यह प्रतीत होता है कि जनता के मुद्दों और उनकी समस्याओं से उनका कोई सरोकार नहीं है।

उन्होंने विपक्ष से अपील करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक परंपराओं और संसदीय मर्यादाओं का सम्मान करते हुए मानसून सत्र को सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करें, ताकि जनता से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक चर्चा हो सके और विकास से जुड़े आवश्यक कार्य समय पर पूरे किए जा सकें।

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