बिहार में न्याय व्यवस्था को तकनीक से मिलेगा नया बल, CM सम्राट चौधरी ने दिए अहम निर्देश

त्वरित न्याय, स्पीडी ट्रायल और डिजिटल सेवाओं के विस्तार पर जोर

Rashmi Tiwari
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बिहार में कानून-व्यवस्था और न्यायिक प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और तकनीक-सक्षम बनाने की दिशा में सरकार ने कदम तेज कर दिए हैं। इसी क्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को लोक सेवक आवास स्थित संकल्प सभागार में गृह विभाग के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में नए आपराधिक कानूनों और इंटरऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (ICJS) के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।


त्वरित और बेहतर न्याय पर जोर
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नई आपराधिक न्याय प्रणाली का उद्देश्य आम नागरिकों को त्वरित, पारदर्शी और बेहतर न्याय उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि तकनीक आधारित व्यवस्था को जमीनी स्तर तक प्रभावी ढंग से लागू किया जाए ताकि लोगों को न्यायिक सेवाओं का लाभ आसानी से मिल सके।
नागरिक सेवा पोर्टल के प्रचार-प्रसार के निर्देश
मुख्यमंत्री ने नागरिक सेवा पोर्टल के व्यापक प्रचार-प्रसार पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जन-जागरूकता अभियान चलाकर अधिक से अधिक लोगों को डिजिटल सेवाओं से जोड़ा जाए, जिससे नागरिक घर बैठे कई सरकारी सुविधाओं का लाभ उठा सकें।

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स्पीडी ट्रायल से मामलों के जल्द निपटारे पर फोकस
बैठक में लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्पीडी ट्रायल के माध्यम से आपराधिक मामलों का शीघ्र निपटारा सुनिश्चित किया जाए, ताकि पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सके और न्याय व्यवस्था पर लोगों का विश्वास और मजबूत हो। मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों के बीच सूचना आदान-प्रदान की व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बेहतर समन्वय से अपराध नियंत्रण, जांच प्रक्रिया और न्यायिक कार्यवाही को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
उद्योगपतियों और व्यापारियों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान
बैठक में मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों (DM) और पुलिस अधीक्षकों (SP) को उद्योगपतियों, व्यवसायियों और प्रतिष्ठित संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ नियमित बैठक करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि उद्योग और व्यापार जगत की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है।मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि व्यापारिक समुदाय की समस्याओं और सुझावों को गंभीरता से सुना जाए तथा उन पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि राज्य में निवेश और औद्योगिक गतिविधियों के लिए बेहतर माहौल तैयार हो सके।

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