NEWS PR डेस्क: रोहतास जिले के डेहरी में सोन नदी का जलस्तर बढ़ने से निर्माणाधीन वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (WTP) पूरी तरह जलमग्न हो गया है। डेहरी के एनीकट में सोन नदी के किनारे बन रहे इस प्लांट का निर्माण करोड़ों रुपये की लागत से कराया जा रहा था। अचानक बढ़े पानी के कारण प्लांट का निर्माणाधीन ढांचा और कई महंगे उपकरण पानी में डूब गए हैं। इस घटना से स्थानीय लोगों में निराशा है और परियोजना के भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है।
दो साल पहले हुआ था शिलान्यास, अब जलमग्न हुआ प्लांट
जानकारी के अनुसार, पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 2 सितंबर 2024 को डेहरी के एनीकट में इस वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का शिलान्यास किया था। पिछले दो वर्षों से यहां निर्माण कार्य चल रहा था। कुछ महीने पहले नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री रहते हुए डेहरी पहुंचकर प्लांट का निरीक्षण भी किया था।
लेकिन सोन नदी के बढ़े जलस्तर ने निर्माणाधीन परियोजना के सामने बड़ा संकट खड़ा कर दिया है। पानी बढ़ने के बाद पूरा प्लांट जलमग्न हो गया। तस्वीरों में निर्माणाधीन ढांचे के साथ-साथ महंगे उपकरण भी पानी में डूबे दिखाई दे रहे हैं।

पानी में डूबे महंगे उपकरण, कुछ सामान बहने की भी बात
बताया जा रहा है कि प्लांट में लगाए जा रहे कई महंगे उपकरण पानी के अंदर चले गए हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, कुछ सामान पानी के तेज बहाव में बह भी गए हैं हालांकि, फिलहाल प्लांट परिसर में कोई कर्मचारी या निर्माणकर्मी मौजूद नहीं है। पानी बढ़ने के बाद सभी लोग वहां से हट गए हैं।
करोड़ों रुपये की लागत से बन रही इस परियोजना के इस तरह जलमग्न होने से स्थानीय लोगों में काफी निराशा है। लोगों का कहना है कि लंबे समय से चल रहे निर्माण कार्य के बीच अचानक आई बाढ़ ने पूरी परियोजना को प्रभावित कर दिया है।
डेहरी, सासाराम और औरंगाबाद को मिलना है पीने का पानी
इस वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का उद्देश्य सोन नदी के पानी को साफ कर उसे पीने योग्य बनाना है। योजना के अनुसार, यहां से तैयार पानी की सप्लाई डेहरी ऑन सोन, सासाराम और औरंगाबाद में की जानी है।
ऐसे में प्लांट के जलमग्न होने से परियोजना के काम और भविष्य में होने वाली जलापूर्ति को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। अब यह देखना होगा कि पानी कम होने के बाद प्लांट की स्थिति क्या रहती है और निर्माण कार्य को दोबारा शुरू करने में कितना समय लगता है।
रोहतास से रिपोर्टर: रंजन सिंह