NEWS PR डेस्क ;पटना में तेज प्रताप यादव और बिहार सरकार के मंत्री संजय कुमार सिंह के बीच शुरू हुआ विवाद अब सियासी गलियारों में और गहराता जा रहा है। मानहानि के 50 करोड़ रुपये के नोटिस के बाद इस मामले में अब LJP(RV) प्रमुख चिराग पासवान भी सामने आए हैं। चिराग ने साफ कहा है कि अगर उनकी पार्टी के विधायक पर लगे आरोप जांच में सही पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ पार्टी स्तर पर कार्रवाई के साथ कानूनी कदम भी उठाए जाएंगे।

सोमवार को पटना में पत्रकारों ने जब तेज प्रताप यादव से ‘अनुष्का’ को लेकर सवाल किया तो वह भड़क गए। उन्होंने पत्रकारों से कहा, “बकवास मत करो।” वहीं, मंत्री संजय कुमार सिंह की ओर से भेजे गए मानहानि नोटिस पर तेज प्रताप ने कहा कि वह ऐसे नोटिस से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने मंत्री पर पलटवार करते हुए कहा कि सभी को पता है कि वह कहां पड़े रहते हैं।
मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग
दरअसल, विवाद की शुरुआत तेज प्रताप यादव के एक सोशल मीडिया पोस्ट से हुई थी। तेज प्रताप ने आरोप लगाया था कि दिल्ली दौरे के दौरान मंत्री संजय कुमार सिंह ने एक बड़े होटल में एक महिला कर्मचारी के साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया और उसके शोषण का प्रयास किया। उन्होंने सरकार और प्रशासन से मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग भी की थी।
‘अनुष्का कौन हैं?’
तेज प्रताप ने अपने पोस्ट में यह भी दावा किया था कि मामले को दबाने और रफा-दफा करने के लिए कथित तौर पर 25 लाख रुपये का लेन-देन किया गया। इसके बाद मंत्री संजय कुमार सिंह ने तेज प्रताप के आरोपों पर पलटवार करते हुए तंज कसा और पूछा कि ‘अनुष्का कौन हैं?’ विवाद बढ़ने के बाद मंत्री की ओर से तेज प्रताप यादव को 50 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस भेजा गया।
अब इस पूरे मामले में चिराग पासवान के बयान ने राजनीतिक हलचल और बढ़ा दी है। उन्होंने कहा कि आरोप बेहद गंभीर हैं और उनकी पार्टी ने संबंधित विधायक से जवाब मांगा है। चिराग के मुताबिक, यदि आरोप सही साबित होते हैं तो पार्टी ऐसे व्यक्ति को बाहर करने के साथ कानूनी कार्रवाई भी करेगी। इस पूरे घटनाक्रम के बीच अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि तेज प्रताप के आरोपों की जांच किस दिशा में जाती है और मानहानि नोटिस के बाद यह राजनीतिक विवाद आगे क्या मोड़ लेता है।