NEWS PR डेस्क : बिहार की बदली हुई राजनीतिक स्थिति के बीच राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को घेरने के लिए राजद नेता तेजस्वी यादव नई रणनीति के साथ मैदान में उतर गए हैं। बताया जा रहा है कि राज्यसभा चुनाव में एनडीए को झटका देने के लिए राजद ने खास फार्मूला तैयार किया है।
बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों के लिए 16 मार्च को मतदान होना है। इनमें से चार सीटों पर एनडीए की जीत लगभग तय मानी जा रही है, लेकिन पांचवीं सीट को लेकर मुकाबला दिलचस्प हो गया है। इस सीट पर राजद ने एडी सिंह को उम्मीदवार बनाया है, जिससे चुनावी गणित और रोचक बन गया है।
पांचवीं सीट जीतने के लिए किसी भी उम्मीदवार को 41 विधायकों के समर्थन की जरूरत होगी। बिहार विधानसभा में एनडीए के पास कुल 202 विधायक हैं, जिसके आधार पर वह चार सीटें आसानी से जीत सकता है। इसके बाद एनडीए के पास सिर्फ 38 विधायक बचते हैं, जिससे पांचवीं सीट पर उसकी राह थोड़ी मुश्किल हो सकती है।
दूसरी ओर राजद के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने अपने उम्मीदवार को जिताने के लिए सहयोगी दलों के साथ रणनीति बनाई है। राजद के 25 विधायक, कांग्रेस के 6, वामदलों के 3 और आईपीपी के 1 विधायक को मिलाकर यह संख्या 35 होती है।
इसके अलावा एआईएमआईएम के 5 विधायक भी हैं। हाल ही में एआईएमआईएम के बिहार प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान ने तेजस्वी यादव से मुलाकात की थी और बातचीत को सकारात्मक बताया था। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि एआईएमआईएम के सभी विधायक राजद उम्मीदवार एडी सिंह का समर्थन कर सकते हैं। वहीं बसपा के एकमात्र विधायक का समर्थन भी राजद के पक्ष में आने की चर्चा है। अगर ऐसा होता है तो राजद उम्मीदवार को जीत के लिए जरूरी 41 विधायकों का आंकड़ा मिल सकता है।
तेजस्वी यादव ने अपने उम्मीदवार की जीत सुनिश्चित करने के लिए सभी विधायकों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। साथ ही कांग्रेस, वामदलों, आईपीपी, एआईएमआईएम और बसपा की ओर से भी अपने-अपने विधायकों को 16 मार्च के मतदान के लिए व्हिप जारी करने की सूचना है। इससे पहले तेजस्वी यादव ने इंडिया गठबंधन के सभी विधायकों के साथ लंबी बैठक कर रणनीति पर चर्चा की थी।
उधर एनडीए भी अपने पांचवें उम्मीदवार की जीत सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय हो गया है। इसको लेकर उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आवास पर एनडीए की बैठक हुई। एनडीए की ओर से जदयू से नीतीश कुमार और रामनाथ ठाकुर, भाजपा से नितिन नवीन और शिवेश राम तथा रालोमो से उपेंद्र कुशवाहा उम्मीदवार हैं।
पांचवीं सीट जीतने के लिए एनडीए को अतिरिक्त समर्थन की जरूरत होगी। इसके लिए गठबंधन अपने विधायकों को एकजुट रखने के साथ-साथ विपक्ष में संभावित टूट या क्रॉस वोटिंग की संभावना पर भी नजर बनाए हुए है। इसी रणनीति के तहत एनडीए अपनी जीत सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहा है।