NEWS PR डेस्क: मधुबनी, 09 जून। जिले में आम लोगों को निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए खराब चापाकलों की मरम्मत का अभियान युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है। जिलाधिकारी आनंद शर्मा के निर्देश पर जिला आपदा प्रबंधन शाखा की निगरानी में लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) लगातार मरम्मत कार्य कर रहा है। अभियान की प्रगति पर स्वयं जिलाधिकारी प्रतिदिन समीक्षा और मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
जिला प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जिले के दोनों प्रमंडलों में कुल 5,874 खराब चापाकलों की मरम्मत का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इनमें से 8 जून 2026 तक 5,207 चापाकलों को दुरुस्त किया जा चुका है, जबकि शेष 667 चापाकलों की मरम्मत का कार्य तेजी से जारी है।
मधुबनी और झंझारपुर प्रमंडल में तेजी से चल रहा काम
मधुबनी प्रमंडल में 3,213 चापाकलों की मरम्मत का लक्ष्य तय किया गया था। इसके विरुद्ध अब तक 2,907 चापाकलों को ठीक किया जा चुका है, जबकि 306 चापाकलों पर कार्य जारी है।

वहीं झंझारपुर प्रमंडल में निर्धारित 2,661 चापाकलों में से 2,300 की मरम्मत पूरी हो चुकी है। शेष 361 चापाकलों को जल्द चालू करने के लिए विभागीय टीमें लगातार कार्य कर रही हैं।
समय सीमा के भीतर कार्य पूरा करने का निर्देश
जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने संबंधित अधिकारियों को सभी शेष खराब चापाकलों की मरम्मत निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूरी करने का निर्देश दिया है। साथ ही मरम्मत कार्य की नियमित प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराने को भी कहा गया है।
डीएम ने कहा कि जिले के लोगों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इस दिशा में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
खराब चापाकल की सूचना देने की अपील
जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि उनके क्षेत्र में कोई चापाकल खराब है तो इसकी सूचना संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी, पीएचईडी अधिकारियों अथवा जिला नियंत्रण कक्ष (आपदा) के दूरभाष नंबर 06276-222576 पर दें, ताकि उसका शीघ्र मरम्मत कार्य कराया जा सके।
जिले में चल रहे इस विशेष अभियान से आने वाले दिनों में पेयजल संकट की समस्या काफी हद तक कम होने की उम्मीद जताई जा रही है।
