बिहार रेजिमेंट का गौरव, वीरता और परंपरा: 31वें द्विवार्षिक सम्मेलन का समापन

Rashmi Tiwari

NEWS PR डेस्क :दानापुर: बिहार रेजिमेंट केंद्र में चल रहे बिहार रेजिमेंट के 31वें द्विवार्षिक सम्मेलन एवं 15वीं रीयूनियन का समापन आज गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ। इस बहुप्रतीक्षित आयोजन ने बिहार रेजिमेंट की गौरवशाली सैन्य विरासत, वीरता, अनुशासन, त्याग और राष्ट्र के प्रति अटूट समर्पण की भावना को एक बार फिर सजीव कर दिया। सम्मेलन एवं रीयूनियन के दौरान सेवारत अधिकारियों, जवानों, पूर्व सैनिकों तथा उनके परिवारों को एक मंच पर आने, पुराने साथियों से मिलने और रेजिमेंट से जुड़ी यादों एवं अनुभवों को साझा करने का अवसर मिला।

समापन दिवस के कार्यक्रमों की शुरुआत ऑफिसर्स मेस लॉन में मेजर जनरल जय सिंह बैंसला, सेना मेडल (SM), निवर्तमान कर्नल ऑफ द विहार रेजिमेंट के सम्मान में आयोजित विदाई चाय से हुई। इस अवसर पर रेजिमेंट के अधिकारियों ने उनके साथ आत्मीय संवाद किया और रेजिमेंट के प्रति उनके योगदान तथा नेतृत्व के प्रति सम्मान व्यक्त किया। इसके उपरांत बिहार रेजिमेंटल सेंटर के गार्ड डिल स्क्वायर में लेफ्टिनेंट जनरल आकाश जोहर, अति विशिष्ट सेवा मेडल, कर्नल ऑफ द बिहार रेजिमेंट को पारंपरिक सैन्य गरिमा के अनुरूप मेजर नवदीप सिंह के नेतृत्व में गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया। इस अवसर पर अनुशासन, एकरूपता और सैनिक परंपराओं का शानदार प्रदर्शन देखने को मिला।

गार्ड ऑफ ऑनर के पश्चात कमांडेंट, बिहार रेजिमेंट केंद्र के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस संवाद का उद्देश्य रेजिमेंट की कार्यप्रणाली को और प्रभावी बनाना तथा सैनिकों के पेशेवर कौशल, अनुशासन और कार्यक्षमता को निरंतर बेहतर बनाने के प्रयासों को आगे बढ़ाना रहा।

इसके बाद लेफ्टिनेंट जनरल आकाश जोहर, अति विशिष्ट सेवा मेडल, कर्नल ऑफ द बिहार रेजिमेंट ने रेजिमेंट के कमांडिंग ऑफिसर्स के साथ संवाद किया। इस महत्वपूर्ण बैठक में रेजिमेंट की ऑपरेशनल तैयारियों, प्रशिक्षण के उच्च मानकों, नेतृत्व क्षमता, सैनिकों के मनोबल और रेजिमेंट की गौरवशाली परंपराओं को बनाए रखने से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई। इस अवसर ने वरिष्ठ नेतृत्व और कमांडिंग ऑफिसर्स के बीच विचारों के आदान-प्रदान तथा भविष्य की प्राथमिकताओं पर सामूहिक दृष्टिकोण विकसित करने का अवसर प्रदान किया।

समापन दिवस के कार्यक्रमों के अंतर्गत रेजिमेंट परिवार की महिलाओं के लिए भी विशेष संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। रेजिमेंट की फर्स्ट लेडी प्राची जोशी जौहर, ने कमांडिंग ऑफिसर्स की पत्नियों के साथ बातचीत की। इस दौरान रेजिमेंट परिवार की एकता, आपसी सहयोग, पारिवारिक कल्याण तथा महिलाओं की सहभागिता से जुड़े विषयों पर विचार साझा किए गए। इस संवाद ने यह संदेश दिया कि रेजिमेंट की मजबूती केवल उसके सैनिकों के साहस और समर्पण से ही नहीं, बल्कि उनके परिवारों के सहयोग, विश्वास और त्याग से भी आती है।

31वें द्विवार्षिक सम्मेलन एवं 15वी रीयूनियन का यह आयोजन केवल औपचारिक कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने बिहार रेजिमेंट की विभिन्न पीढ़ियों के सैनिकों को आपस में जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य किया। वर्षों तक देश की सेवा करने वाले पूर्व सैनिकों और वर्तमान में जिम्मेदारियां निभा रहे जवानों के बीच संवाद ने रेजिमेंट की परंपराओं, अनुभवों और मूल्यों को आगे बढ़ाने का अवसर प्रदान किया। ऐसे आयोजन सैनिकों में आपसी विश्वास, भाईचारे और रेजिमेंट के प्रति गर्व की भावना को और मजबूत करते हैं।

बिहार रेजिमेंट ने अपने गौरवशाली इतिहास में साहस, दृढ़ संकल्प, अनुशासन और सर्वोच्च बलिदान की अनेक मिसालें प्रस्तुत की हैं। रेजिमेंट का प्रत्येक सैनिक अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए इन परंपराओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। सम्मेलन एवं रीयूनियन के दौरान व्यक्त विचारों और साझा अनुभवों ने इस विश्वास को और मजबूत किया कि रेजिमेंट की वास्तविक शक्ति उसके सैनिकों की एकजुटता, नेतृत्व में विश्वास और राष्ट्र के प्रति अटूट निष्ठा में निहित है।

इस आयोजन के समापन के साथ ही सभी पदों ने बिहार रेजिमेंट की प्रतिष्ठित परंपराओं को अक्षुण्ण बनाए रखने, सैनिकों एवं उनके परिवारों के कल्याण के लिए निरंतर प्रयास करने तथा देश की सुरक्षा और सम्मान के लिए पूर्ण समर्पण के साथ कार्य करते रहने का संकल्प दोहराया। इस रीयूनियन ने एक बार फिर यह साबित किया कि समय और परिस्थितियां बदल सकती हैं, लेकिन रेजिमेंट के प्रति सैनिक का जुड़ाव, अपने साथियों के प्रति सम्मान और मातृभूमि के प्रति समर्पण सदैव अटल रहता है।

“कर्म ही धर्म” के आदर्श वाक्य को आत्मसात करते हुए बिहार रेजिमेंट का प्रत्येक सैनिक कर्तव्य, साहस और निष्ठा के मार्ग पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित है। 31वें द्विवार्षिक सम्मेलन एवं 15वीं रीयूनियन का समापन इसी गौरवशाली भावना के साथ हुआ कि बिहार रेजिमेंट आने वाले वर्षों में भी भारतीय सेना की उत्कृष्ट परंपराओं को कायम रखते हुए राष्ट्रसेवा में अपना महत्वपूर्ण योगदान देती रहेगी।

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