पटना के बांस घाट पर बन रहा राज्य का पहला आधुनिक श्मशान घाट,आदिशक्ति की 12 फुट ऊंची प्रतिमा!

Jyoti Sinha
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राजधानी पटना के बांस घाट पर बिहार का पहला अत्याधुनिक श्मशान घाट तेजी से आकार ले रहा है। करीब 89.40 करोड़ रुपये की लागत से पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड और बुडको (BUDCO) मिलकर इस प्रोजेक्ट को तैयार कर रहे हैं। इसे एक मॉडल श्मशान घाट के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां अंतिम संस्कार की आधुनिक सुविधाओं के साथ कला और शांति का माहौल भी मिलेगा।


आदिशक्ति की 12 फुट ऊंची प्रतिमा बनेगी आकर्षण का केंद्र

श्मशान घाट परिसर का मुख्य आकर्षण दो तालाबों के बीच स्थापित की जा रही 12 फुट ऊंची आदिशक्ति की प्रतिमा होगी। इस भव्य मूर्ति को पंजाब की एक विशेष टीम द्वारा एफआरपी (फाइबर रीइन्फोर्स्ड प्लास्टिक) से बनाया जा रहा है। पहले इसे मिट्टी से आकार दिया गया, फिर सांचे तैयार हुए और अब फाइबर का अंतिम काम चल रहा है।

प्रतिमा को इस तरह डिजाइन किया गया है कि शिव के सिर से निकलती गंगा की धारा भी प्रदर्शित होगी। खास बात यह है कि यह प्रतिमा बिहार में अपने तरह की पहली होगी और इसे पटना के मरीन ड्राइव से भी देखा जा सकेगा।

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कला की दुनिया के नामी कलाकार कर रहे हैं काम

इस कलात्मक परियोजना को आकार देने में कलाकार गुरु प्रीत सिंह और प्रगति गुप्ता की बड़ी भूमिका है। दोनों कलाकार इससे पहले G20, महाकुंभ और डिजिटल इंडिया जैसे प्रमुख राष्ट्रीय आयोजनों में भी अपनी कला का प्रदर्शन कर चुके हैं। अब ये दोनों स्मार्ट सिटी के साथ मिलकर इस श्मशान घाट को एक नई पहचान दे रहे हैं।


परिसर में दो तालाब और भव्य द्वार होंगे विशेष आकर्षण

श्मशान परिसर में दो तालाब बनाए गए हैं — एक अस्थि विसर्जन के लिए और दूसरा स्नान के लिए। इन दोनों में गंगा जल भरा जाएगा। वहीं परिसर के प्रवेश पर दो विशाल द्वार बनाए जा रहे हैं — एक ‘मोक्ष द्वार’ और दूसरा ‘बैकुंठ द्वार’

इन द्वारों की ऊंचाई 40 फुट और चौड़ाई 55 फुट होगी। इन्हें एमएस मीडियम से तैयार किया जा रहा है और मजबूती के लिए फ्रेश लोहे का इस्तेमाल किया गया है। द्वारों पर कांसे का ओम चिन्ह लगाया जाएगा, जबकि परिसर में महादेव का 15 फुट ऊंचा त्रिशूल भी स्थापित किया जाएगा।


15 से 20 दिनों में स्थापित होगी प्रतिमा

परियोजना से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, आदिशक्ति की प्रतिमा अगले 15 से 20 दिनों में पूरी तरह तैयार होकर स्थापित कर दी जाएगी। इसके बाद परिसर के अंतिम सौंदर्यीकरण का काम किया जाएगा।


दीवारों पर जीवन यात्रा की झलक

बांस घाट की दीवारों पर ऐसी पेंटिंग्स बनाई जा रही हैं जो मानव जीवन की पूरी यात्रा को दर्शाएंगी — जन्म से लेकर मृत्यु तक। इसमें इंसान के कर्म, उसके अच्छे-बुरे कार्यों के फल, और स्वर्ग-नरक की अवधारणा को कलात्मक रूप से उकेरा जा रहा है। इसके अलावा दीवारों पर शांति, संतोष और जीवन के मूल्यों को दर्शाने वाले स्लोगन भी लिखे जाएंगे।

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