मोतिहारी: पूर्वी चंपारण में एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने गुरु और शिष्य के पवित्र रिश्ते पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस शिक्षक पर बच्चों को शिक्षा देने और उनका भविष्य संवारने की जिम्मेदारी थी, वही चार नाबालिग बच्चियों के अपहरण का मुख्य आरोपी निकला। पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले का महज 36 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए चारों बच्चियों को सकुशल बरामद कर लिया है और आरोपी मदरसा शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया है।

मामला शिकारगंज थाना क्षेत्र के एक गांव का है, जहां चार नाबालिग बच्चियों के अचानक लापता होने से इलाके में हड़कंप मच गया था। परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच शुरू की। सिकरहना डीएसपी के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने पारंपरिक जांच के साथ-साथ तकनीकी और वैज्ञानिक अनुसंधान का सहारा लिया। मोबाइल टावर लोकेशन, डिजिटल ट्रैकिंग और लगातार छापेमारी के आधार पर पुलिस ने आरोपी तक पहुंच बनाई और चारों बच्चियों को सुरक्षित बरामद कर लिया।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान मोहम्मद अशफाक Mohammad Ashfaq के रूप में हुई है, जो करसहिया गांव का निवासी है और स्थानीय मदरसे में शिक्षक के रूप में कार्यरत था। प्रारंभिक जांच में पुलिस को पता चला है कि आरोपी ने कथित तौर पर पढ़ाई के दौरान एक नाबालिग छात्रा को अपने प्रभाव में लिया और बाद में उसी के माध्यम से तीन अन्य बच्चियों को भी बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया।
पुलिस अब आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि घटना में किसी अन्य व्यक्ति या संगठित नेटवर्क की भूमिका तो नहीं है। बरामद की गई चारों बच्चियां सुरक्षित हैं। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया और काउंसलिंग के बाद उन्हें उनके परिजनों को सौंपा जा रहा है।
इस पूरे मामले में पुलिस की त्वरित कार्रवाई की स्थानीय स्तर पर सराहना हो रही है। वहीं, घटना ने समाज को झकझोर कर रख दिया है, क्योंकि जिस शिक्षक पर अभिभावकों ने भरोसा किया था, उसी पर बच्चियों को बहला-फुसलाकर ले जाने का आरोप लगा है। फिलहाल पुलिस मामले के सभी पहलुओं की गहराई से जांच कर रही है और आरोपी के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। मोतिहारी से संतोष राउत की रिपोर्ट