इस महाशिवरात्रि 31 साल बाद बन रहा महासंयोग : शिव-पार्वती का विवाह….

Patna Desk

फाल्गुन माह भगवान शिव की पूजा के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इस महीने में महाशिवरात्रि का पर्व धूमधाम से मनाया जाता है। यह पर्व हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण त्योहार है, जो भगवान शिव की आराधना के लिए मनाया जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को महाशिवरात्रि का पर्व आता है। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह का प्रतीक माना जाता है, और शिव भक्त इसे पूरी श्रद्धा के साथ मनाते हैं। इस दिन श्रद्धालु व्रत रखते हैं और विधिपूर्वक शिव और पार्वती की पूजा करते हैं। मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव पृथ्वी पर स्थित सभी शिवलिंगों में निवास करते हैं, जिससे इस दिन की पूजा से कई गुना अधिक फल प्राप्त होता है।

भगवान शिव और माता पार्वती का विवाहपौराणिक कथाओं के अनुसार, महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। इस कारण इसे शिव विवाह के रूप में भी मनाया जाता है। इस दिन भक्तजन विधिपूर्वक शिव-पार्वती की पूजा करते हैं और शिव मंदिरों में भव्य विवाह आयोजन होते हैं। सुखी वैवाहिक जीवन और समृद्धि की कामना करते हुए श्रद्धालु निर्जला व्रत रखते हैं।महाशिवरात्रि 2025 की तिथि और शुभ मुहूर्तपंचांग के अनुसार, इस वर्ष फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि की शुरुआत 26 फरवरी 2025 को प्रातः 11:08 बजे होगी और इसका समापन 27 फरवरी 2025 को प्रातः 08:54 बजे होगा। इस दिन महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाएगा। महाशिवरात्रि के दिन विशेष फल की प्राप्ति के लिए भगवान शिव की पूजा की जाती है। इस दिन श्रवण नक्षत्र का भी प्रभाव रहेगा। इसके अलावा, इस बार महाशिवरात्रि पर 31 वर्षों बाद महासंयोग बन रहा है, जो तीन राशियों के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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