NEWS PR डेस्क: पश्चिम चंपारण जिले के वाल्मीकिनगर में बाघ की गतिविधि से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (VTR) के वन प्रमंडल-2 अंतर्गत ठाढ़ी गांव के आसपास पिछले कुछ दिनों से बाघ की चहलकदमी देखी जा रही है। करीब तीन दिन पहले बाघ ने एक बछड़े का शिकार किया था। इसके बाद वन विभाग ने गांव में निगरानी बढ़ा दी है और ग्रामीणों को सतर्क रहने की अपील की है।
गांव में माइकिंग कर ग्रामीणों को किया गया सतर्क
वन विभाग की टीम ने शनिवार को ठाढ़ी गांव में माइकिंग कर लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी। ग्रामीणों से कहा गया है कि वे जंगल और गन्ने के खेतों के आसपास अकेले न जाएं। खासकर सुबह और शाम के समय खेतों तथा जंगल के नजदीक जाने से बचने को कहा गया है।
वन विभाग ने ग्रामीणों को बाघ की गतिविधि की जानकारी मिलने पर तुरंत विभाग को सूचित करने की अपील की है। लोगों से बिना पुष्टि के बाघ के पीछे जाने या भीड़ जुटाने से भी बचने को कहा गया है।
कैमरा ट्रैप लगाए गए, पगमार्क से तलाश जारी
बाघ की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए वन विभाग ने क्षेत्र में कैमरा ट्रैप लगाए हैं। इसके अलावा बाघ के पगमार्क के आधार पर उसकी लोकेशन तलाशने का प्रयास किया जा रहा है हालांकि, बारिश के कारण पगमार्क स्पष्ट नहीं हो पा रहे हैं, जिससे बाघ की सही स्थिति का पता लगाने में परेशानी आ रही है।
वन विभाग की टीम आसपास के जंगल, खेतों और गांव से जुड़े इलाकों में लगातार निगरानी कर रही है। बछड़े के शिकार के बाद ग्रामीणों में पहले से ही भय बना हुआ है और लोग अपने मवेशियों को लेकर भी चिंतित हैं।

रेंजर ने ग्रामीणों से सावधानी बरतने की अपील की
वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के रेंजर सत्यम कुमार ने ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि लोग अकेले जंगल या गन्ने के खेतों की ओर न जाएं और किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि नजर आने पर तत्काल वन विभाग को सूचना दें।
वन विभाग का कहना है कि बाघ की मौजूदगी को लेकर लगातार निगरानी की जा रही है। कैमरा ट्रैप और अन्य तकनीकी माध्यमों से उसकी गतिविधियों का पता लगाने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल ग्रामीणों को सावधानी बरतने और अफवाहों से बचने की सलाह दी गई है।
पश्चिम चंपारण से रिपोर्टर: मोहम्मद इम्तिआज़