NEWS PR डेस्क: पटना, 25 जून। बिहार में महिलाओं को प्रशासनिक सेवाओं में आगे बढ़ाने के उद्देश्य से संचालित मुख्यमंत्री सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। पिछले पांच वर्षों में इस योजना के तहत 4473 महिला अभ्यर्थियों को कुल 23 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है, जबकि 311 अभ्यर्थियों का अंतिम चयन विभिन्न सिविल सेवा परीक्षाओं में हुआ है।
समाज कल्याण मंत्री डॉ. श्वेता गुप्ता ने गुरुवार को सचिवालय स्थित अपने कार्यालय में 70वीं बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) परीक्षा में चयनित महिला अभ्यर्थियों से मुलाकात की। इस अवसर पर उन्होंने सभी चयनित अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि बिहार की बेटियां आज हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रही हैं और सिविल सेवा जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं में सफलता हासिल कर राज्य का नाम रोशन कर रही हैं। उन्होंने इसे बिहार में हो रहे सकारात्मक सामाजिक बदलाव का संकेत बताया।
डॉ. गुप्ता ने कहा कि महिला एवं बाल विकास निगम के माध्यम से संचालित मुख्यमंत्री सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना का उद्देश्य प्रतिभाशाली महिला अभ्यर्थियों को आर्थिक सहायता देकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रोत्साहित करना है। उन्होंने कहा कि सरकार अब केवल “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” तक सीमित नहीं है, बल्कि बेटियों को आईएएस, आईपीएस और पीसीएस जैसे प्रशासनिक पदों तक पहुंचाने के लिए भी सक्रिय प्रयास कर रही है।

योजना के तहत संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण करने वाली महिला अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिए एक लाख रुपये तथा बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की प्रारंभिक परीक्षा पास करने वाली अभ्यर्थियों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
उन्होंने बताया कि 70वीं बीपीएससी परीक्षा के अंतर्गत 1914 महिला अभ्यर्थियों को 50-50 हजार रुपये की दर से कुल 9 करोड़ 57 लाख रुपये की सहायता राशि उपलब्ध कराई गई। इनमें से 148 महिला अभ्यर्थियों का अंतिम चयन हुआ है।
मंत्री ने कहा कि यह योजना सामान्य, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) और पिछड़ा वर्ग की महिलाओं को समान रूप से लाभान्वित कर रही है। वर्ष 2021 में शुरू की गई इस योजना के तहत अब तक 4473 महिला अभ्यर्थियों को लाभ मिला है और उनके खातों में कुल 23 करोड़ रुपये हस्तांतरित किए गए हैं।
योजना के तहत अब तक कुल 311 महिला अभ्यर्थियों का अंतिम चयन हुआ है। इनमें 13 अभ्यर्थियों ने यूपीएससी और 298 अभ्यर्थियों ने बीपीएससी परीक्षा में सफलता हासिल की है। डॉ. श्वेता गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण और उन्हें नेतृत्वकारी भूमिकाओं में आगे बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में बिहार की और अधिक बेटियां प्रशासनिक सेवाओं में अपनी पहचान बनाएंगी।
इस अवसर पर चयनित महिला अभ्यर्थियों ने राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए समाज और देश की सेवा करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में प्रशासी पदाधिकारी मंजूषा चंद्रा ने अभ्यर्थियों का मार्गदर्शन किया। वहीं नोडल पदाधिकारी मार्गण सिन्हा सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
