NEWS PR डेस्क: बिहार की चार स्मार्ट सिटी—पटना, बिहारशरीफ, भागलपुर और मुजफ्फरपुर—में जल्द ही ट्रैफिक व्यवस्था आधुनिक तकनीक से लैस होने जा रही है। इन शहरों में एडेप्टिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित कैमरे लगाए जाएंगे, जो न सिर्फ निगरानी करेंगे बल्कि ट्रैफिक को रीयल-टाइम डेटा के आधार पर नियंत्रित भी करेंगे।
पुलिस मुख्यालय ने इस योजना का प्रस्ताव परिवहन विभाग को भेज दिया है। संबंधित शहरों में सर्वे का कार्य पूरा हो चुका है और मंजूरी मिलते ही इंस्टॉलेशन शुरू कर दिया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि इससे जाम की समस्या में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
पटना के 28 प्रमुख चौराहों पर लगेगा सिस्टम
पटना में 28 अहम चौराहों पर एआई कैमरे स्थापित किए जाएंगे। यह सिस्टम वाहनों के दबाव को तुरंत मापेगा। जिस दिशा में ट्रैफिक अधिक होगा, वहां सिग्नल की अवधि स्वतः बढ़ जाएगी, जबकि कम भीड़ वाली दिशा में सिग्नल जल्दी बदल जाएगा। इससे ट्रैफिक फ्लो संतुलित होगा और अनावश्यक जाम में कमी आएगी।
सिर्फ निगरानी नहीं, तुरंत ई-चालान
ये कैमरे पारंपरिक सीसीटीवी से अलग होंगे। वे केवल रिकॉर्डिंग तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि नियम तोड़ने वालों पर स्वतः ई-चालान जारी करेंगे। हेलमेट न पहनना, सीट बेल्ट न लगाना, मोबाइल पर बात करना, गलत दिशा में वाहन चलाना, ट्रिपल राइडिंग समेत 14 प्रकार के उल्लंघनों पर कार्रवाई होगी।
अन्य शहरों से मिला सकारात्मक अनुभव
देश के कई बड़े शहरों—बेंगलुरु, अहमदाबाद, नोएडा, दिल्ली, विशाखापट्टनम, हैदराबाद और गुरुग्राम—में यह तकनीक पहले से लागू है और अच्छे परिणाम सामने आए हैं। इन्हीं मॉडलों का अध्ययन करने के बाद बिहार में इसे लागू करने का निर्णय लिया गया।
एडीजी ट्रैफिक सुधांशु कुमार के मुताबिक, इस तकनीक से सड़क हादसों में करीब 25 प्रतिशत तक कमी और जुर्माना वसूली में 50 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की संभावना है। पटना के डाकबंगला चौराहा, आयकर गोलंबर, गांधी मैदान, हाईकोर्ट मोड़, कुर्जी मोड़, दीघा-आशियाना और जेपी गोलंबर जैसे व्यस्त इलाकों में यह प्रणाली विशेष रूप से प्रभावी साबित हो सकती है।