NEWS PR डेस्क: पटना/नई दिल्ली: बिहार के बुनियादी ढांचा विकास और सांस्कृतिक विरासत संरक्षण को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान मिली है। राज्य के भवन निर्माण विभाग द्वारा विकसित दो प्रमुख परियोजनाएं—पटना स्थित बापू टावर और वैशाली का बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय एवं स्मृति स्तूप-को प्रतिष्ठित 17वें CIDC विश्वकर्मा अवॉर्ड 2026 से सम्मानित किया गया है।
नई दिल्ली में आयोजित भव्य समारोह में केंद्रीय मंत्री Nitin Gadkari ने भवन निर्माण विभाग के सचिव Kumar Ravi को यह सम्मान प्रदान किया। दोनों परियोजनाओं को Best Construction Projects श्रेणी में यह अवॉर्ड मिला है, जो राज्य के लिए गर्व का विषय माना जा रहा है।
विकास और विरासत का संगम
इस उपलब्धि पर प्रतिक्रिया देते हुए कुमार रवि ने कहा कि यह सम्मान बिहार के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, जो मुख्यमंत्री के नेतृत्व और विभाग की टीम के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने बताया कि दोनों परियोजनाएं आधुनिक तकनीक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण के समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण हैं।
बापू टावर: गांधीजी की विरासत का आधुनिक प्रस्तुतीकरण
पटना के गर्दनीबाग में स्थित बापू टावर महात्मा गांधी के जीवन, विचारों और उनके बिहार से जुड़ाव को आधुनिक तकनीक के जरिए जीवंत रूप में प्रस्तुत करता है। यहां ऑडियो-विजुअल्स, म्यूरल, मूर्तियां और लघु फिल्मों के माध्यम से गांधीजी के जीवन दर्शन को दिखाया गया है। यह न केवल पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बना है, बल्कि छात्रों और युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक स्थल भी बन गया है।
वैशाली में बौद्ध विरासत का भव्य केंद्र
वहीं, वैशाली में निर्मित बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय एवं स्मृति स्तूप लगभग 72 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है। यह परियोजना भगवान बुद्ध के अवशेषों को सुरक्षित रखने और बौद्ध अनुयायियों के लिए दर्शन स्थल के रूप में विकसित की गई है। राजस्थान के वंशी पहाड़पुर के बलुआ पत्थरों से निर्मित यह स्तूप आधुनिक भूकंपरोधी तकनीकों से सुसज्जित है, जिससे इसकी संरचना लंबे समय तक सुरक्षित रह सकेगी।
यहां संग्रहालय, लाइब्रेरी, विजिटर सेंटर, एम्फीथिएटर सहित कई आधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं। जुलाई 2025 में उद्घाटन के बाद से यह स्थल देश-विदेश के बौद्ध श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है।
पहले भी मिल चुके हैं सम्मान
भवन निर्माण विभाग इससे पहले भी कई प्रतिष्ठित परियोजनाओं के लिए सम्मानित हो चुका है। पटना का सम्राट अशोक कन्वेंशन सेंटर और अंजुमन इस्लामिया हॉल भी विश्वकर्मा अवॉर्ड प्राप्त कर चुके हैं।
बिहार की नई पहचान
इन दोनों परियोजनाओं को मिले इस सम्मान ने यह स्पष्ट कर दिया है कि बिहार अब केवल ऐतिहासिक विरासत तक सीमित नहीं है, बल्कि आधुनिक बुनियादी ढांचे और विश्वस्तरीय निर्माण कार्यों के जरिए अपनी नई पहचान गढ़ रहा है।
यह उपलब्धि राज्य के पर्यटन, सांस्कृतिक संरक्षण और विकास को नई दिशा देने के साथ-साथ देश-विदेश में बिहार की छवि को और मजबूत करेगी।