केंद्रीय बजट से बिहार रेलवे को बड़ी सौगात, इंफ्रास्ट्रक्चर में होगा ऐतिहासिक विस्तार

Amit Singh

NEWS PR डेस्क: बिहार में रेलवे नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मोदी सरकार के ताजा बजट में बिहार के रेल इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए रिकॉर्ड निवेश का ऐलान किया गया है। नई रेल लाइनों के निर्माण, आधुनिक टर्मिनल और स्टेशनों के पुनर्विकास के लिए हजारों करोड़ रुपये की राशि तय की गई है, जिससे राज्य में रेलवे का चेहरा पूरी तरह बदलने की उम्मीद है।

बजट में पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन से झाझा के बीच तीसरी और चौथी रेल लाइन बिछाने के लिए 17,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस परियोजना के पूरा होने से दिल्ली–हावड़ा रेल रूट पर ट्रेनों की क्षमता और गति दोनों में इजाफा होगा, जिससे यात्रियों को राहत मिलेगी और माल ढुलाई भी तेज होगी।

राजधानी पटना को भी बड़ी सौगात मिली है। हार्डिंग पार्क में प्रस्तावित नए रेल टर्मिनल के निर्माण के लिए 500 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इस टर्मिनल के चालू होने से पटना जंक्शन पर बढ़ते यात्री दबाव में कमी आएगी और यात्रियों को आधुनिक व विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

कई वर्षों से लंबित बिहटा-औरंगाबाद नई रेल लाइन परियोजना को भी बजट में गति दी गई है। इस रेल लाइन का निर्माण दो चरणों में किया जाएगा। पहले चरण में बिहटा से अनुग्रह नारायण तक और दूसरे चरण में औरंगाबाद तक रेल कनेक्टिविटी विकसित की जाएगी। इससे मगध क्षेत्र के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।

इसके अलावा नवादा से पावापुरी के बीच प्रस्तावित 25.10 किलोमीटर लंबी रेल लाइन के लिए 492.14 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इस परियोजना से प्रसिद्ध जैन तीर्थ पावापुरी पहली बार सीधे रेल नेटवर्क से जुड़ जाएगा, जिससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

स्टेशनों के कायाकल्प पर भी खास जोर दिया गया है। ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के तहत बिहार के गया, बेगूसराय, बरौनी, दरभंगा, मधुबनी समेत कई प्रमुख स्टेशनों का पुनर्विकास किया जाएगा। इन स्टेशनों पर आधुनिक वेटिंग एरिया, स्वच्छ शौचालय, बेहतर सुरक्षा और यात्री सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे न सिर्फ यात्रियों का अनुभव सुधरेगा, बल्कि पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

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