NEWS PR डेस्क: पटना, 3 जुलाई। बिहार सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जनोन्मुखी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने निर्देश दिया है कि 15 अगस्त 2026 से अनुमंडलीय अस्पतालों एवं जिला अस्पतालों से मेडिकल कॉलेजों और उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में होने वाले अनावश्यक रेफरल पर रोक लगाई जाए। इसके लिए स्पष्ट नीति बनाकर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।
लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प सभागार’ में आयोजित स्वास्थ्य विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य संस्थानों के सुदृढ़ीकरण, रेफरल व्यवस्था, चिकित्सा अधोसंरचना और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की विस्तार से समीक्षा की।
पहले चरण में जिला और अनुमंडलीय अस्पतालों में लागू होगी व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अनावश्यक रेफरल की प्रवृत्ति रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था विकसित की जाए। पहले चरण में यह व्यवस्था जिला अस्पतालों एवं अनुमंडलीय अस्पतालों में लागू होगी, ताकि मरीजों को स्थानीय स्तर पर बेहतर उपचार मिल सके और मेडिकल कॉलेजों पर अनावश्यक दबाव कम हो।
उन्होंने पैथोलॉजी सेवाओं, एक्स-रे, एमआरआई और मैमोग्राफी जैसी आधुनिक जांच सुविधाओं के विस्तार पर भी जोर दिया। साथ ही हड्डी रोग एवं न्यूरो संबंधी बीमारियों के इलाज के लिए ट्रॉमा सेंटरों को और मजबूत करने के निर्देश दिए।

रात में सरकारी अस्पतालों का होगा निरीक्षण
मुख्यमंत्री ने प्रमंडलीय आयुक्त, जिलाधिकारी एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे सरकारी अस्पतालों का नियमित रात्रिकालीन निरीक्षण करें और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर लगातार निगरानी रखें।
उन्होंने कहा कि सभी सरकारी अस्पतालों में डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड लगाए जाएं, जिन पर आपातकालीन सेवाओं, एम्बुलेंस और अन्य आवश्यक सूचनाएं प्रमुखता से प्रदर्शित हों। जिला अस्पतालों में उपलब्ध चिकित्सा उपकरणों का नियमित उपयोग सुनिश्चित करने तथा मेडिकल कॉलेजों की निगरानी जिलाधिकारियों के माध्यम से कराने के भी निर्देश दिए गए।
मेडिकल कॉलेजों में बनेगी जिला स्तरीय अनुश्रवण समिति
मुख्यमंत्री ने प्रत्येक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में जिला स्तरीय अनुश्रवण एवं पर्यवेक्षण समिति गठित करने के निर्देश दिए। इस समिति की अध्यक्षता संबंधित जिलाधिकारी करेंगे। साथ ही रोगी कल्याण समितियों का पुनर्गठन कर उन्हें अधिक सक्रिय और प्रभावी बनाने पर भी बल दिया गया।
आयुष्मान कार्ड और आभा आईडी बनाने में तेजी लाने के निर्देश
बैठक में मुख्यमंत्री ने आयुष्मान भारत योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर देते हुए लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड और आभा (ABHA) आईडी निर्माण की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए।
नर्सों की पदस्थापना गृह जिलों में करने पर विचार
मुख्यमंत्री ने कहा कि नर्सों की पदस्थापना में विशेष ध्यान दिया जाए तथा यथासंभव उन्हें उनके गृह जिलों में पदस्थापित करने पर विचार किया जाए। इसके अलावा नए मेडिकल कॉलेजों के संचालन और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए आवश्यक परियोजनाओं को पीपीपी मॉडल के माध्यम से आगे बढ़ाने की संभावनाएं भी तलाशने के निर्देश दिए।
सभी नागरिकों को समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराना सरकार का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक को समय पर, गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। इसके लिए पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य किया जाए और स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं जनहितैषी बनाया जाए।
समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, स्वास्थ्य विभाग के विशेष सचिव डॉ. त्यागराजन एसएम, राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक अमित कुमार पांडेय, स्वास्थ्य विभाग के विशेष सचिव अरविंद कुमार वर्मा, बिहार स्वास्थ्य सेवाएं एवं आधारभूत संरचना निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक सुब्रत कुमार सेन सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
