NEWS PR डेस्क : बिहार में दो कोचिंग संस्थानों के बीच चल रहा विवाद अब राजनीतिक रंग लेने लगा है। खान सर के बॉडीगार्ड पर हमले के मामले में जेल में बंद ज्ञान बिंदु के संचालक रौशन आनंद के भाई प्रिंस यादव की संदिग्ध मौत को लेकर सियासत तेज हो गई है। जनशक्ति जनता दल के संस्थापक तेज प्रताप यादव के बाद अब नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है।

तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा कि कोचिंग संचालक के भाई की “मौत या हत्या” की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। उन्होंने यह भी मांग की कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट को जल्द सार्वजनिक किया जाए, ताकि मौत के वास्तविक कारणों से पर्दा उठ सके। अपने पोस्ट में उन्होंने कहा कि कोचिंग जगत में जिस तरह का विवाद सामने आया है, वह गंभीर चिंता का विषय है। साथ ही उन्होंने बिहार सरकार और पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि पूरा घटनाक्रम प्रशासनिक स्तर पर संदेह पैदा करता है।

इससे पहले तेज प्रताप यादव ने भी मामले को लेकर बयान दिया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि घटना में शामिल सभी दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्होंने यह भी मांग की थी कि रौशन आनंद को मानवीय आधार पर उनके भाई के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए पैरोल या अस्थायी रिहाई दी जाए।
रौशन आनंद को जमानत भी मिल गई
गौरतलब है कि 2 जून की रात मुसल्लहपुर हाट स्थित खान ग्लोबल स्टडीज में हुए विवाद के बाद रौशन आनंद समेत कई लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसी मामले में सोमवार को पटना सिविल कोर्ट से रौशन आनंद को जमानत भी मिल गई। इधर, प्रिंस यादव का अंतिम संस्कार सोमवार को सहरसा स्थित पैतृक गांव में किया जाना है। संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद यह मामला लगातार राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का केंद्र बना हुआ है। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच में जुटी है।
