NEWS PR डेस्क: मधुबनी, 12 अप्रैल। उर्दू भाषा के प्रति विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से बिहार सरकार के उर्दू निदेशालय द्वारा मधुबनी में भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। +2 वाटसन हाई स्कूल के सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम का उद्घाटन अपर समाहर्ता संतोष कुमार, ओएसडी नितीश कुमार, डीआरडीए निदेशक सैयद सरफराज अहमद और जिला उर्दू भाषा कोषांग के प्रभारी मेराज अहमद ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। उद्घाटन से पहले अतिथियों का स्वागत पौधा भेंट कर किया गया।
अपने संबोधन में संतोष कुमार ने उर्दू भाषा की उत्पत्ति और उसके विकास पर प्रकाश डालते हुए इसकी मिठास और अभिव्यक्ति की विशेषता को रेखांकित किया। वहीं, नितीश कुमार ने उर्दू के ऐतिहासिक महत्व को बताते हुए कहा कि भारतीय भाषाओं में इसका एक विशिष्ट स्थान है। सैयद सरफराज अहमद ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि उर्दू भाषा की साहित्यिक धारा आज भी लोगों को जोड़ने का काम कर रही है।
प्रतियोगिता में मैट्रिक, इंटरमीडिएट और स्नातक स्तर के विद्यार्थियों ने भाग लिया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को मेडल, मोमेंटो, प्रमाण-पत्र और उर्दू पत्रिका देकर सम्मानित किया गया। साथ ही प्रोत्साहन राशि उनके बैंक खातों में भेजने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है।
कार्यक्रम में प्रोफेसर डॉ. यासमीन अख्तर, डॉ. मुनव्वर आलम, डॉ. सुगरा मसरूर, डॉ. मोहम्मद अब्दुल्ला और डॉ. मोहम्मद हुसैन ने निर्णायक की भूमिका निभाई और प्रतिभागियों का निष्पक्ष मूल्यांकन किया।
संचालन की जिम्मेदारी वासिफ जमाल और मोहम्मद मुहतदा ने संभाली। इस अवसर पर विभिन्न प्रखंडों और अनुमंडलों से जुड़े उर्दू कर्मियों के साथ-साथ स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भी सक्रिय भागीदारी रही।
कार्यक्रम के सफल आयोजन से न केवल उर्दू भाषा को बढ़ावा मिला, बल्कि विद्यार्थियों को अपनी अभिव्यक्ति और प्रतिभा प्रदर्शित करने का एक सशक्त मंच भी प्राप्त हुआ।