NEWS PR डेस्क: पटना, 14 मई। बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की कार्रवाई लगातार जारी है। बुधवार को निगरानी ब्यूरो की टीम को दो अलग-अलग मामलों में बड़ी सफलता मिली। शिवहर में जिला कृषि कार्यालय के बड़े बाबू और पटना में जानीपुर थाना के अपर थानाध्यक्ष को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है।
पहली कार्रवाई शिवहर जिले में की गई, जहां निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की मुख्यालय टीम ने जिला कृषि कार्यालय में कार्यरत बड़े बाबू बिजेन्द्र कुमार को 8 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। बताया गया कि पिपराही थाना क्षेत्र के माधोपुर सिंगाही गांव निवासी मनिषा देवी ने निगरानी ब्यूरो से शिकायत की थी कि खाद एवं बीज दुकान का लाइसेंस जारी करने के बदले उनसे रिश्वत मांगी जा रही है।

शिकायत मिलने के बाद निगरानी ब्यूरो ने मामले का सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद निगरानी थाना कांड संख्या 055/26 दर्ज कर पुलिस उपाधीक्षक शिव कुमार साह के नेतृत्व में छापेमारी टीम गठित की गई। टीम ने कार्रवाई करते हुए बिजेन्द्र कुमार को जिला कृषि कार्यालय स्थित उनके कार्यालय कक्ष से रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
वहीं दूसरी कार्रवाई राजधानी पटना के जानीपुर थाना क्षेत्र में हुई। निगरानी ब्यूरो ने जानीपुर थाना के पु.अ.नि.-सह-अपर थानाध्यक्ष संजय कुमार सिंह को एक लाख रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। जानकारी के अनुसार, रूपसपुर थाना क्षेत्र के विकास विहार कॉलोनी निवासी कौशल किशोर ने शिकायत दर्ज कराई थी कि जानीपुर थाना क्षेत्र में उनकी जमीन की सरकारी अमीन से मापी होने के बावजूद असामाजिक तत्व बाउंड्री नहीं करने दे रहे थे। आरोप है कि मामले में सहयोग और बाउंड्री कराने के बदले पुलिस अधिकारी रिश्वत मांग रहे थे।

निगरानी ब्यूरो ने शिकायत की जांच कराई, जिसमें आरोप सही पाए गए। इसके बाद निगरानी थाना कांड संख्या 056/26 दर्ज कर पुलिस उपाधीक्षक अरुणोदय पाण्डेय के नेतृत्व में धावा दल का गठन किया गया। टीम ने बग्घा टोला इलाके में नहर के पूर्वी सड़क किनारे संजय कुमार सिंह को एक लाख रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया।
दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। निगरानी ब्यूरो ने बताया कि आगे की कानूनी कार्रवाई के तहत दोनों को विशेष निगरानी अदालत में पेश किया जाएगा। साथ ही मामले की विस्तृत जांच जारी है।