NEWS PR डेस्क: बिहार में पिछले एक महीने से जारी राजस्व कर्मचारियों की हड़ताल को लेकर सरकार का रुख अब सख्त होता नजर आ रहा है। उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने हड़ताली कर्मचारियों को चेतावनी देते हुए कहा है कि सरकार की सहानुभूति को कमजोरी न समझा जाए। यदि कर्मचारी जल्द काम पर नहीं लौटते हैं तो सरकार अस्थायी बहाली की प्रक्रिया शुरू करेगी और हड़ताली कर्मचारियों के निलंबन की कार्रवाई भी की जाएगी।
राजस्व विभाग का कार्यभार संभालने के 100 दिन पूरे होने पर आयोजित संवाददाता सम्मेलन में विजय सिन्हा ने कहा कि सरकार कर्मचारियों से लगातार काम पर लौटने की अपील कर रही है, लेकिन अगर इससे भी स्थिति नहीं बदलती है तो वैकल्पिक व्यवस्था लागू की जाएगी। उन्होंने कहा कि विभाग के कर्मचारी हमारे अपने हैं, इसलिए सरकार उनकी समस्याओं के प्रति सहानुभूति रखती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि सरकारी कामकाज ठप रहने दिया जाए।
विजय सिन्हा ने हड़ताल के पीछे साजिश की आशंका भी जताई। उन्होंने कहा कि कुछ भूमाफिया इस आंदोलन को हवा दे रहे हैं, लेकिन ऐसे लोगों को आने वाले समय में पछताना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार को जनता ने बड़ा जनादेश दिया है और सरकार उस जनादेश का सम्मान करते हुए विकास कार्यों को किसी भी कीमत पर रुकने नहीं देगी।
गौरतलब है कि बिहार में हजारों राजस्व कर्मचारी 11 फरवरी 2026 से अपनी 17 सूत्री मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। कर्मचारियों की मांगों में 4200 ग्रेड पे लागू करना, कार्य अवधि 8 घंटे निर्धारित करना और पदोन्नति सहित अन्य सुविधाएं शामिल हैं। हड़ताल के कारण राज्य के अंचल कार्यालयों में दाखिल-खारिज, जाति, आय और निवास प्रमाण पत्र जैसे कई जरूरी कार्य प्रभावित हो गए हैं।
इतना ही नहीं, राजस्व कर्मचारियों के साथ अब अंचलाधिकारी (सीओ) भी आंदोलन में शामिल हो गए हैं, जिससे कई जिलों में कामकाज पूरी तरह ठप हो गया है। इस हड़ताल की वजह से राज्य में चल रहा विशेष भूमि सर्वेक्षण और चकबंदी का काम भी प्रभावित हुआ है, जिससे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि 20 फरवरी को सरकार और कर्मचारियों के बीच वार्ता हुई थी, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका और आंदोलन अभी भी जारी है।