विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने से ठप पड़ी भागलपुर की रफ्तार अब जल्द फिर पटरी पर लौटने वाली है। शहर और आसपास के इलाकों में बने यातायात संकट को दूर करने के लिए सीमा सड़क संगठन (BRO) ने मोर्चा संभाल लिया है। मंगलवार देर रात BRO की करीब 100 विशेषज्ञों वाली टीम भागलपुर पहुंची और सेतु पर युद्धस्तर पर काम शुरू कर दिया गया।
विशेषज्ञों के मुताबिक, सेतु पर अस्थायी बेली ब्रिज तैयार किया जाएगा, जिसे अगले 20 दिनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस बेली ब्रिज की लंबाई 49 मीटर और चौड़ाई 5 मीटर होगी। इसके तैयार होते ही हल्के वाहनों की आवाजाही फिर शुरू हो सकेगी, जिससे हजारों लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
नाव के सहारे सफर से मिलेगी राहत
विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के बाद लोगों को नाव और वैकल्पिक मार्गों के सहारे सफर करना पड़ रहा था। ऐसे में बेली ब्रिज बनने से यात्रियों को जोखिम भरे सफर से राहत मिलेगी और भागलपुर की लाइफलाइन मानी जाने वाली इस सड़क कनेक्टिविटी को दोबारा गति मिलेगी।निर्माण कार्य की संवेदनशीलता को देखते हुए डॉ. नवल किशोर चौधरी ने सेतु पर आम लोगों की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी है। पुल के दोनों सिरों पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि सुरक्षा और गोपनीयता बनी रहे।
हाई-टेक तकनीक से हो रही जांच
BRO की टीम ने निर्माण कार्य शुरू करने से पहले क्षतिग्रस्त हिस्से की हाई-टेक फोटोग्राफी और तकनीकी जांच की है। हर एंगल से तस्वीरें लेकर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि लोहे की प्लेटें और संरचना पूरी सटीकता के साथ तैयार की जाए।अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी सर्वे पूरा होते ही भौतिक निर्माण कार्य और तेज कर दिया जाएगा।अब भागलपुर और आसपास के इलाकों के लोगों की निगाहें इस बेली ब्रिज पर टिकी हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि इसके तैयार होने के बाद क्षेत्र की यातायात व्यवस्था फिर सामान्य हो जाएगी और रोजमर्रा की आवाजाही आसान हो सकेगी। भागल
विक्रमशिला सेतु पर बनेगा अस्थायी बेली ब्रिज, हल्के वाहन जल्द चलेंगे
विक्रमशिला सेतु फिर देगा रफ्तार — BRO के मिशन से भागलपुर को मिलेगी राहत!”