बिहार में बदला मौसम का मिजाज, कई जिलों में तेज हवा और वज्रपात का अलर्ट

Amit Singh
- Advertisements -
Your Brand Here
Limited time offer
Advertise Now →

NEWS PR डेस्क: पटना। बिहार में सोमवार से मौसम का मिजाज अचानक बदलने वाला है। India Meteorological Department (IMD) ने राज्य के कई हिस्सों में अगले कुछ घंटों के भीतर गरज-चमक, तेज हवा और वज्रपात की संभावना जताई है। मौसम विभाग के अनुसार गया, पटना और वैशाली जिले के कुछ इलाकों में अगले एक से तीन घंटे के दौरान हल्की से मध्यम बारिश के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

मौसम विभाग ने उत्तर-पश्चिम बिहार के 13 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने के साथ गरज-चमक और वज्रपात का खतरा बना हुआ है। जिन जिलों में इसका अधिक प्रभाव रहने की संभावना है उनमें पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, वैशाली और समस्तीपुर शामिल हैं।

मौसम विभाग के अनुसार इन इलाकों में मध्यम बारिश के साथ बिजली गिरने की आशंका भी है, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। वहीं राज्य के अन्य जिलों में भी बादल, हल्की बारिश और तेज हवा का असर देखने को मिल सकता है। मौसम का यह बदला हुआ रुख 21 मार्च तक बने रहने की संभावना जताई गई है।

- Advertisements -
Your Brand Here
Limited time offer
Advertise Now →

इस बीच मार्च महीने में राज्य में मौसम के अलग-अलग रूप देखने को मिल रहे हैं। भागलपुर, समस्तीपुर, खगड़िया और औरंगाबाद जैसे जिलों में सुबह के समय घना कोहरा छाया रहा। भागलपुर में दृश्यता घटकर करीब 600 मीटर तक पहुंच गई।

हालांकि दिन चढ़ने के साथ तेज धूप निकलने से तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। राज्य में सबसे अधिक तापमान डेहरी में 36.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं शाम के समय चलने वाली ठंडी हवाओं के कारण हल्की ठंडक भी महसूस की गई।

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक निचले वायुमंडल में नमी बढ़ने और स्थानीय संवहनीय गतिविधियों के कारण अगले सात दिनों तक बिहार में मौसम अस्थिर रह सकता है। इस दौरान कई जिलों में तेज हवा, गरज-चमक और बारिश की स्थिति बन सकती है।

मौसम विभाग ने किसानों को भी सतर्क रहने की सलाह दी है। तेज हवा और बारिश से खड़ी फसलों, खासकर केले के बागानों और आम के बगीचों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई गई है।

- Advertisements -
Your Brand Here
Limited time offer
Advertise Now →
Share This Article