NEWS PR डेस्क : बिहार में राज्यसभा चुनाव को लेकर चल रही अटकलों पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने विराम लगा दिया है। पार्टी ने दो सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों की आधिकारिक घोषणा कर दी है। एक ओर नितिन नवीन को मैदान में उतारा गया है, तो वहीं दूसरी सीट पर शिवेश कुमार राम के नाम का ऐलान कर सबको चौंका दिया गया। यह घोषणा पार्टी के राष्ट्रीय सचिव और मुख्यालय प्रभारी अरुण सिंह द्वारा जारी पत्र के माध्यम से की गई, जिसके बाद बिहार की राजनीतिक स्थिति काफी हद तक स्पष्ट हो गई है।
अब सवाल उठता है—आखिर कौन हैं शिवेश कुमार राम और बीजेपी ने उन पर भरोसा क्यों जताया?
शिवेश कुमार राम बिहार की राजनीति में एक परिचित चेहरा हैं। राजनीति उन्हें पारिवारिक विरासत के रूप में मिली, लेकिन उन्होंने अपनी अलग पहचान एक सक्रिय, मेहनती और जमीनी नेता के तौर पर बनाई है। उनका परिवार लंबे समय से बीजेपी से जुड़ा रहा है और संगठन में उसकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। पार्टी के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और संगठनात्मक अनुभव को देखते हुए ही बीजेपी ने उन्हें राज्यसभा के लिए उम्मीदवार बनाया है।
शिवेश कुमार राम का राजनीतिक सफर उनके पारिवारिक परिवेश से गहराई से जुड़ा रहा है। उनके पिता मुन्नीलाल भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ और प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते थे। उन्होंने वर्ष 1996 में सासाराम संसदीय सीट से जीत दर्ज कर पहली बार वहां ‘कमल’ खिलाया था। वे 1996 से 1999 तक लोकसभा सांसद रहे और केंद्र सरकार में मंत्री पद की जिम्मेदारी भी संभाली थी।
पार्टी और राजनीति का माहौल शिवेश राम को विरासत में मिला। पिता को करीब से देखकर उन्होंने राजनीति की बारीकियां सीखी और संगठन की कार्यशैली को समझा। हालांकि उन्होंने अपनी पहचान खुद के दम पर बनाई। उन्होंने राजनीतिक जीवन की शुरुआत एक साधारण कार्यकर्ता के रूप में की, लेकिन समर्पण और सक्रियता के कारण जल्द ही पार्टी नेतृत्व का विश्वास जीत लिया। यही वजह रही कि वे विधायक से लेकर प्रदेश महामंत्री जैसे अहम पदों तक पहुंचे।
कब बने विधायक?
राज्यसभा के लिए उम्मीदवार बनाए गए शिवेश राम भोजपुर जिले की सुरक्षित विधानसभा सीट अगिआंव (अहिगांव) से विधायक रह चुके हैं। वर्ष 2010 में इस सीट पर हुए पहले चुनाव में उन्होंने बीजेपी के टिकट पर जीत हासिल की थी। इसके अलावा उन्होंने 2024 का लोकसभा चुनाव भी लड़ा, हालांकि इस चुनाव में उन्हें सफलता नहीं मिली। बावजूद इसके, पार्टी संगठन के प्रति उनकी निष्ठा और दलित समाज में उनकी मजबूत पकड़ को देखते हुए उन्हें राज्यसभा भेजने का फैसला किया गया। वर्तमान में वे बीजेपी के प्रदेश महामंत्री के रूप में कार्यरत हैं।
निर्विरोध चुनाव की संभावना
बिहार विधानसभा में मौजूदा संख्याबल को देखते हुए माना जा रहा है कि बीजेपी के दोनों उम्मीदवारों का राज्यसभा पहुंचना लगभग तय है। पार्टी के पास पर्याप्त विधायकों का समर्थन है, जिससे नितिन नवीन और शिवेश राम के निर्विरोध चुने जाने की संभावना प्रबल मानी जा रही है। सामाजिक और राजनीतिक समीकरणों को साधते हुए पार्टी ने इन दोनों नेताओं पर भरोसा जताया है।