बिहार बंद के दौरान भगवानपुर और गोरौल में अनोखे अंदाज़ में विरोध,सड़क पर भैंस बांधकर

Patna Desk
- Advertisements -
Your Brand Here
Limited time offer
Advertise Now →

बिहार बंद के तहत मंगलवार को वैशाली जिले के भगवानपुर और गोरौल प्रखंड में विरोध की तस्वीरें अलग ही रूप में सामने आईं। मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) द्वारा बुलाए गए इस बंद में जनआंदोलन ने अपने रोचक और तीखे रूप दिखाए।

भगवानपुर: सड़क पर भैंस बांधकर जताया विरोध

भगवानपुर में प्रदर्शनकारियों ने अपनी नाराज़गी जताने के लिए सड़क पर भैंस बांध दी, जिससे आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया। यह तरीका विरोध के प्रतीक के रूप में सामने आया जिसने न सिर्फ प्रशासन की लाचारी उजागर की, बल्कि ग्रामीण जनता के आक्रोश को भी जीवंत रूप दे दिया। स्थानीय लोगों ने इसे “जनता का खुला सवाल, सड़क पर दिया जवाब” बताया।

गोरौल: सुबोध राय के नेतृत्व में गांधीवादी धरना और सड़कों पर जाम

वहीं गोरौल में राजद के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधान परिषद सदस्य सुबोध राय की अगुवाई में कार्यकर्ताओं ने सड़क पर दरी बिछाकर शांतिपूर्ण धरना दिया। लेकिन इसके साथ ही आगजनी, टायर जलाना और मार्ग जाम जैसे आक्रामक कदम भी उठाए गए, जो व्यापक जनअसंतोष का संकेत दे रहे थे।

- Advertisements -
Your Brand Here
Limited time offer
Advertise Now →

मुख्य मार्ग ठप, जनता बेहाल

पटना-हाजीपुर गांधी सेतु और हाजीपुर-मुजफ्फरपुर मुख्य मार्ग जैसे प्रमुख रूट भी इस आंदोलन से प्रभावित हुए। भगवानपुर और गोरौल में बंद समर्थकों ने टेंट गाड़े, पुलिस की बैरिकेडिंग को पार किया और टायर जलाकर आवागमन पूरी तरह रोक दिया।

आम जन को भारी परेशानी

इस आंदोलन का सबसे बड़ा असर आम लोगों पर पड़ा। स्कूली बच्चे, मरीज, ऑफिस जाने वाले लोग और हजारों यात्री इन रास्तों पर घंटों फंसे रहे। असुविधा झेल रहे लोगों में नाराज़गी तो थी, लेकिन कई ने आंदोलन के संदेश को भी जायज बताया।

बंद समर्थकों का संदेश: “अब चुप नहीं रहेगा लोकतंत्र”

प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना था कि यह बंद केवल सड़कों को जाम करने के लिए नहीं है, बल्कि यह एक राजनीतिक संदेश है — जनता की आवाज़ को अनसुना करने की कोशिश अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

- Advertisements -
Your Brand Here
Limited time offer
Advertise Now →
Share This Article