बिहार में बारिश के बाद नदियों का रौद्र रूप, पटना समेत कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात

Jyoti Sinha
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पटना: राज्य में मानसून ने दोबारा रफ्तार पकड़ी है और इसका असर अब पूरे बिहार में देखने को मिल रहा है। राजधानी पटना सहित कई जिलों में नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। गंगा, सोन और पुनपुन नदियों के जलस्तर में जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे तटीय और दियारा क्षेत्र के लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

पटना के दियारा क्षेत्र में बाढ़ का खतरा बढ़ा

दीघा इलाके के बिंद टोली में गंगा का पानी तेजी से फैल रहा है। हालांकि फिलहाल घरों के अंदर पानी नहीं पहुंचा है, लेकिन घर के चारों ओर पानी भर गया है। स्थानीय लोग पानी के बीच ही आने-जाने को मजबूर हैं। दीघा घाट पर शनिवार सुबह गंगा का जलस्तर 50.29 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 50.45 मीटर के करीब पहुंच चुका है। वहीं गांधी घाट पर तो जलस्तर 33 सेंटीमीटर ऊपर तक जा चुका है और सीढ़ियों तक पानी चढ़ गया है।

प्रशासन मुस्तैद, हालात पर नजर

पटना के जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम ने बताया कि दियारा समेत निचले इलाकों की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। एडीएम आपदा खुद स्थिति का जायजा ले रहे हैं।

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गंगा, सोन और पुनपुन में खतरे का निशान पार

शनिवार को कई स्थानों पर नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर चला गया। हाथीदह में गंगा 29 सेंटीमीटर, मनेर में सोन नदी 10 सेंटीमीटर और श्रीपालपुर में पुनपुन नदी 56 सेंटीमीटर तक खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। इसी को देखते हुए प्रशासन ने आपदा नियंत्रण केंद्र को 24 घंटे सक्रिय कर दिया है। किसी भी आपात स्थिति में नागरिक 0612-2210118 नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।

दनियावां में बिगड़े हालात, एनएच पर पानी चढ़ा

दनियावां प्रखंड में महात्माइन नदी का जलस्तर भी तेजी से बढ़ा है, जिससे एनएच 30ए पर होरिल बिगहा पेट्रोल पंप के पास 4-5 फीट तक पानी जमा हो गया है। हालांकि अभी सड़क परिवहन चालू है। दूसरी ओर, दनियावां जमींदारी बांध पर संकट मंडरा रहा है। जल संसाधन विभाग की टीम ने बालू से भरे बोरे लगाकर बांध को बचाने की कोशिश शुरू कर दी है।

पुनपुन नदी में निर्माण कार्य प्रभावित

पुनपुन नदी में निर्माणाधीन सस्पेंशन ब्रिज का सपोर्टिंग एंगल बह जाने के कारण निर्माण कार्य रोकना पड़ा है। इसके अलावा, प्रशासन ने पटना बचाव सुरक्षा बांध पर गश्त और निगरानी बढ़ा दी है, ताकि किसी भी स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके।

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