बिहार के सरकारी स्कूलों में बड़ा बदलाव: कक्षा 1 से 5 तक नई किताबें और स्थानीय भाषाओं में पढ़ाई की तैयारी

Jyoti Sinha
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बिहार के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने कक्षा 1 से 5 तक के लिए नई किताबें और पाठ्यक्रम लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह पूरी प्रक्रिया राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के दिशा-निर्देशों पर आधारित है, जिसमें बच्चों को उनकी मातृभाषा में पढ़ाई कराने और व्यवहारिक ज्ञान पर जोर देने की बात कही गई है।


‘बिहार करिकुलम फ्रेमवर्क 2025’ के आधार पर होगा बदलाव

इस नई व्यवस्था के तहत नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क (NCF) 2023 को ध्यान में रखते हुए बिहार करिकुलम फ्रेमवर्क (BCF) तैयार किया गया है। इसी आधार पर सरकारी स्कूलों में नई किताबें तैयार की जाएंगी। भाषा को सरल और बच्चों की समझ के अनुरूप रखा जाएगा ताकि वे आसानी से विषयों को grasp कर सकें।

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SCERT ने तेज की तैयारी

राज्य शैक्षिक प्रशिक्षण परिषद (SCERT) इस बदलाव की योजना को अमल में लाने की तैयारी में जुट गई है। शिक्षकों और शिक्षा विशेषज्ञों की सलाह लेकर नया पाठ्यक्रम विकसित किया जाएगा। इस बार भाषा, गणित, पर्यावरण, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान की किताबों में सुधार होगा।


अब पढ़ाई होगी स्थानीय भाषाओं में

नई शिक्षा नीति के अनुसार, अब प्राथमिक कक्षाओं में बच्चों को मैथिली, भोजपुरी, मगही, अंगिका, बज्जिका और सूर्यापुरी जैसी स्थानीय भाषाओं में पढ़ाया जाएगा। इससे बच्चों को पढ़ाई से बेहतर जुड़ाव होगा और उनकी समझ भी गहरी होगी। पहले यह व्यवस्था सिर्फ उर्दू और बांग्ला भाषी छात्रों के लिए थी, लेकिन अब सभी प्रमुख क्षेत्रीय भाषाओं को शामिल किया जा रहा है।


2008 में हुआ था आखिरी बड़ा बदलाव

इससे पहले 2005 के राष्ट्रीय पाठ्यक्रम ढांचे के आधार पर बिहार में 2006 में बदलाव हुआ था, जिसे 2008 में संशोधित किया गया था। 2008 से 2010 के बीच कक्षा 1 से 12 तक की पुस्तकें तैयार की गई थीं। वर्तमान में कक्षा 9 से 12 तक के लिए NCERT की किताबें उपयोग में ली जा रही हैं।


22 और 23 जुलाई को अहम बैठक

कक्षा 6 से 8 तक के नए सिलेबस पर भी काम शुरू हो चुका है। इसी सिलसिले में 22 और 23 जुलाई को SCERT कार्यालय में एक अहम बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में शिक्षा विशेषज्ञ मिलकर छात्रों की जरूरतों के अनुसार पाठ्यक्रम और पुस्तकों को अंतिम रूप देने पर चर्चा करेंगे।

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