BPSC ने बदला इंटरव्यू सिस्टम, अब अभ्यर्थियों को मिलेगा अपना इंटरव्यू बोर्ड चुनने का विकल्प, लॉटरी प्रक्रिया लागू

Puja Srivastav

NEWS PR डेस्क : इस संबंध में विस्तृत जानकारी साझा करते हुए बीपीएससी अभ्यर्थियों के मेंटर और पूर्व डीएसपी डॉ. अखिलेश कुमार ने बताया कि साक्षात्कार प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए आयोग ने यह अहम फैसला लिया है। उनके अनुसार यह बदलाव पूरी तरह सराहनीय और स्वागतयोग्य है।

इन दिनों बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) कार्यालय में काफी हलचल देखने को मिल रही है, जिसकी वजह 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा का साक्षात्कार चरण है। इस परीक्षा का अंतिम चरण यानी इंटरव्यू 21 जनवरी से शुरू हो चुका है। खास बात यह है कि इस बार बीपीएससी ने इंटरव्यू प्रक्रिया में एक नई व्यवस्था लागू की है, जिसके तहत अब अभ्यर्थी लॉटरी सिस्टम के जरिए स्वयं अपना इंटरव्यू बोर्ड चुनेंगे। इस प्रणाली को पहली बार मौजूदा इंटरव्यू में लागू किया गया है, जिसे ‘गुजरात मॉडल’ के रूप में देखा जा रहा है।

इस बदलाव पर प्रकाश डालते हुए बीपीएससी अभ्यर्थियों के मेंटर और पूर्व डीएसपी डॉ. अखिलेश कुमार ने बताया कि साक्षात्कार प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के उद्देश्य से आयोग ने यह अहम कदम उठाया है। उनका कहना है कि इंटरव्यू में किसी भी तरह के पक्षपात को रोकने के लिए यह व्यवस्था बेहद प्रभावी और स्वागतयोग्य है।

नई प्रक्रिया के तहत अभ्यर्थियों को बीपीएससी कार्यालय में रखे एक बॉक्स से पर्ची निकालनी होगी। पर्ची को स्क्रैच करने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि उनका इंटरव्यू किस बोर्ड द्वारा लिया जाएगा। खास बात यह है कि इंटरव्यू शुरू होने से करीब 10 मिनट पहले तक न तो अभ्यर्थी को और न ही आयोग को यह जानकारी होती है कि किस उम्मीदवार का इंटरव्यू कौन सा बोर्ड लेगा। इससे किसी भी तरह की सेटिंग या पक्षपात की गुंजाइश पूरी तरह समाप्त हो जाती है।

इस नई व्यवस्था में अभ्यर्थियों की पहचान को पूरी तरह गोपनीय रखा गया है। रोल नंबर के स्थान पर प्रत्येक उम्मीदवार को एक विशेष कोड नंबर दिया गया है। इंटरव्यू बोर्ड के अध्यक्ष और सदस्य केवल इसी कोड नंबर के आधार पर साक्षात्कार लेंगे। बोर्ड के सामने किसी भी अभ्यर्थी का नाम, व्यक्तिगत विवरण या प्रोफाइल उपलब्ध नहीं होगी, जिससे निष्पक्षता सुनिश्चित की जा सके।

अब तक इंटरव्यू बोर्ड का निर्धारण सॉफ्टवेयर के जरिए रैंडम तरीके से किया जाता था, जिसमें अभ्यर्थियों की कोई सीधी भूमिका नहीं होती थी। लेकिन नई लॉटरी आधारित व्यवस्था में उम्मीदवार स्वयं प्रक्रिया का हिस्सा बनेंगे, जिससे चयन प्रक्रिया को लेकर उनका भरोसा और अधिक मजबूत होने की उम्मीद है।

इस व्यवस्था को लेकर डॉ. अखिलेश कुमार ने कहा कि अब किसी भी तरह की पैरवी या जान-पहचान के सहारे फायदा उठाने की संभावनाएं पूरी तरह खत्म हो जाएंगी। यदि कोई अभ्यर्थी इंटरव्यू बोर्ड के किसी सदस्य से संबंध या जुगाड़ के जरिए लाभ लेने की कोशिश करता भी है, तो यह नया नियम उस पर प्रभावी रोक लगाएगा। उम्मीदवार को पहले से यह जानकारी नहीं होगी कि उसका साक्षात्कार कौन सा बोर्ड लेगा, क्योंकि बोर्ड का चयन मौके पर ही पूरी तरह रैंडम तरीके से किया जाएगा।

इंटरव्यू की समय-सीमा की बात करें तो 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा की मुख्य परीक्षा 25 से 30 अप्रैल 2025 के बीच आयोजित की गई थी, जिसमें 20,034 अभ्यर्थी शामिल हुए थे। इसका परिणाम 16 दिसंबर को घोषित किया गया। सफल उम्मीदवारों की मार्कशीट का सत्यापन 17 जनवरी से शुरू हुआ, जबकि साक्षात्कार प्रक्रिया 21 जनवरी से 28 फरवरी तक बीपीएससी कार्यालय में चलेगी। इस चरण में कुल 5,449 अभ्यर्थी इंटरव्यू में भाग लेंगे।

Share This Article