बिहार में बर्ड फ्लू का कहर, मांस-अंडा खाने वालों के लिए चेतावनी

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से मरे हुए पक्षियों को न छूने की अपील की है। कच्चे मांस और अंडों को छूने के बाद हाथ अच्छी तरह साबुन से धोने और मांस-अंडा पूरी तरह पकाकर खाने की सलाह दी गई है।किसी भी संदिग्ध स्थिति में तुरंत प्रशासन को सूचना देने को कहा गया है।

Amit Singh
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NEWS PR डेस्क: बिहार में बर्ड फ्लू का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। दरभंगा, कटिहार और किशनगंज के बाद अब भागलपुर में भी बर्ड फ्लू की पुष्टि हो चुकी है। नवगछिया इलाके में बड़ी संख्या में कौवों की मौत के बाद पूरे जिले में हड़कंप मच गया है। प्रशासन और पशुपालन विभाग अलर्ट मोड पर हैं।

दरअसल, भागलपुर के नवगछिया अनुमंडल परिसर स्थित मैदान में बड़ी संख्या में कौवों की रहस्यमयी मौत ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी थी। 11 जनवरी की सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकले लोगों ने एक ही जगह पेड़ के नीचे करीब 150 से अधिक मृत कौए देखे। कई कौए तड़पती हालत में भी पाए गए, जिससे इलाके में दहशत का माहौल बन गया।

सूचना मिलते ही वन विभाग और पशुपालन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और मृत पक्षियों को सुरक्षित तरीके से हटाया गया। मृत कौवों के सैंपल जांच के लिए पटना और भोपाल स्थित प्रयोगशालाओं में भेजे गए थे।जांच रिपोर्ट सामने आते ही पुष्टि हो गई कि कौवों की मौत बर्ड फ्लू वायरस के कारण हुई है।

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रिपोर्ट के बाद जिला प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र के 10 किलोमीटर के दायरे में अलर्ट जारी कर दिया है। इसके साथ ही इलाके में व्यापक सैनिटाइजेशन अभियान शुरू कर दिया गया है। आसपास के सभी पोल्ट्री फार्म से भी सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे जा रहे हैं।

जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉक्टर अंजली कुमारी सिन्हा ने बताया कि शुरुआत में ठंड के कारण मौत की आशंका जताई गई थी, लेकिन सैंपल जांच में बर्ड फ्लू की पुष्टि हो गई है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन सभी जरूरी एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं।

इससे पहले बीते सप्ताह दरभंगा में भी कौवों और अन्य पक्षियों की सामूहिक मौत से हड़कंप मच गया था।दरभंगा के मुक्तिधाम श्मशान घाट परिसर में हजारों पक्षियों की मौत के बाद कोलकाता से आई जांच रिपोर्ट में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई।रिपोर्ट पॉजिटिव आते ही प्रशासन ने 5 किलोमीटर के दायरे में अलर्ट जारी कर दिया। नगर निगम और पशुपालन विभाग की संयुक्त टीमें मृत पक्षियों को वैज्ञानिक तरीके से दफनाने और पूरे इलाके में सैनिटाइजेशन का काम कर रही हैं।

इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब कबीर सेवा संस्थान के समाजसेवी नवीन सिन्हा को स्थानीय लोगों ने बड़ी संख्या में पक्षियों की मौत की जानकारी दी। जिलाधिकारी के निर्देश पर सैंपल जांच के लिए कोलकाता भेजे गए, जहां से बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई।

बता दें, बर्ड फ्लू एक वायरल बीमारी है, जो मुख्य रूप से पक्षियों में फैलती है। मुर्गी, बत्तख और कौए इसके प्रमुख वाहक होते हैं। संक्रमित पक्षियों के मल, लार, पंख या शव के संपर्क में आने से संक्रमण फैल सकता है।

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से मरे हुए पक्षियों को न छूने की अपील की है। कच्चे मांस और अंडों को छूने के बाद हाथ अच्छी तरह साबुन से धोने और मांस-अंडा पूरी तरह पकाकर खाने की सलाह दी गई है।किसी भी संदिग्ध स्थिति में तुरंत प्रशासन को सूचना देने को कहा गया है।

फिलहाल प्रशासन का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन निगरानी लगातार जारी है। लोगों से अफवाहों से बचने और सतर्क रहने की अपील की गई है। बिहार में बर्ड फ्लू को लेकर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है।

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