NEWS PR डेस्क: बिहार विधानसभा में मंगलवार को वित्त मंत्री विजेंद्र यादव ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया। सरकार ने दावा किया कि यह बजट सभी वर्गों का सम्मान करते हुए लोगों का जीवन आसान बनाने और राज्य को विकसित बिहार की दिशा में आगे बढ़ाने पर केंद्रित है। इस बार बिहार का कुल बजट आकार 3 लाख 47 हजार करोड़ रुपये से अधिक रखा गया है, जो अब तक के सबसे बड़े बजटों में से एक है।
सरकार के अनुसार भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और बिहार भी अन्य राज्यों की तुलना में तेज़ गति से विकास कर रहा है। राज्य की विकास दर 14.9 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया है। “सात निश्चय-3” के संकल्प के तहत सरकार ने बिहार को देश के अग्रणी राज्यों की कतार में खड़ा करने का लक्ष्य रखा है। वित्त मंत्री विजेंद्र यादव ने कहा कि सरकार ईमान, ज्ञान, विज्ञान, अरमान और सम्मान के मूल मंत्र के साथ राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
बजट की 10 बड़ी बातें:
1. वर्ष 2026-27 के लिए बिहार का कुल बजट 3,47,589.76 करोड़ रुपये रखा गया है, जो पिछले वित्तीय वर्ष से करीब 30,694 करोड़ रुपये अधिक है। बजट का उद्देश्य राज्य की आर्थिक मजबूती और सर्वांगीण विकास को गति देना है।
2. “सात निश्चय-3” (2025-2030) के तहत प्रति व्यक्ति आय दोगुनी करने, एक करोड़ रोजगार सृजन और महिलाओं के सशक्तिकरण का लक्ष्य तय किया गया है।
3. राज्य में 1.56 करोड़ से अधिक महिलाओं से जुड़े स्वयं सहायता समूहों को पहले चरण में 10 हजार रुपये की सहायता दी जा चुकी है, जबकि आगे उनके व्यवसाय को बढ़ाने के लिए 2 लाख रुपये तक की मदद दी जाएगी।
4. अनुसूचित जाति के 94 लाख गरीब परिवारों को सूक्ष्म उद्यमी बनाने की योजना है। कृषि, डेयरी और पशुपालन जैसे क्षेत्रों में आय बढ़ाने के लिए 50 हजार करोड़ रुपये के निजी निवेश का लक्ष्य रखा गया है।
5. शिक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष जोर देते हुए हर प्रखंड में डिग्री और इंजीनियरिंग कॉलेज खोलने की योजना बनाई गई है। जिला अस्पतालों को सुपर स्पेशियलिटी सुविधाओं से लैस किया जाएगा।
6. नए एक्सप्रेस-वे, बिजली ढांचे के विस्तार और शहरी क्षेत्रों में बहुमंजिला पक्के मकानों के निर्माण से बुनियादी सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा, खासकर शहरी गरीबों के लिए।
7. बुजुर्गों को घर पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ जन्म और मृत्यु से जुड़ी सेवाओं को भी घर तक पहुंचाने की योजना बनाई गई है।
8. वर्ष 2004-05 में जहां बिहार का बजट 23,885 करोड़ रुपये था, वहीं अब यह बढ़कर 3.47 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। कुल व्यय में 64.86 प्रतिशत पूंजीगत खर्च और 35.14 प्रतिशत राजस्व व्यय रखा गया है, जिससे इंफ्रास्ट्रक्चर पर सरकार का फोकस साफ झलकता है।
9. वित्तीय वर्ष 2026-27 में कुल कर राजस्व 2,85,277.12 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। राज्य को अपने करों से करीब 65,800 करोड़ रुपये की आय होने की उम्मीद है, जिसमें सबसे बड़ा योगदान जीएसटी का रहेगा।
10. बजट में राजकोषीय घाटा 39,111.80 करोड़ रुपये रखा गया है, जो राज्य के सकल घरेलू उत्पाद का करीब 2.99 प्रतिशत है और तय सीमा के भीतर है।
कुल मिलाकर, बिहार सरकार ने 2026-27 के बजट के जरिए विकास और रोजगार पर बड़ा दांव खेला है।