NEWS PR डेस्क: बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सोमवार को उस वक्त तीखा टकराव देखने को मिला जब विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के विधायक कुमार सर्वजीत की एक टिप्पणी पर सत्ता पक्ष भड़क उठा। हंगामा इतना बढ़ा कि सदन की कार्यवाही प्रभावित हुई।
क्या है विवाद?
दरअसल, अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान कुमार सर्वजीत ने एलजेपी के संस्थापक और पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान का उल्लेख करते हुए उन्हें “बेचारा” कह दिया था। इस शब्द को लेकर सत्ता पक्ष, विशेषकर लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के विधायकों ने कड़ा विरोध जताया और इसे दलित समाज का अपमान बताया। सत्ता पक्ष के सदस्यों ने नारेबाजी की और सार्वजनिक माफी की मांग की। विधानसभा अध्यक्ष लगातार शांति बनाए रखने की अपील करते रहे, लेकिन हंगामा थमता नहीं दिखा।
माफी से इनकार, आरोप-प्रत्यारोप तेज
कुमार सर्वजीत ने माफी मांगने से इनकार करते हुए कहा कि “बेचारा” कोई अपमानजनक शब्द नहीं है और उनका उद्देश्य पासवान की राजनीतिक यात्रा का संदर्भ देना था। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार असली मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए विवाद को तूल दे रही है। अन्य आरजेडी विधायकों ने भी उनका समर्थन किया। वहीं, एलजेपी (रामविलास) के नेताओं ने इसे गंभीर अपमान करार दिया। पार्टी प्रमुख चिराग पासवान ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि रामविलास पासवान गरीबों, दलितों और पिछड़ों के मसीहा थे और ऐसी टिप्पणी करोड़ों लोगों की भावनाओं को आहत करती है।
सड़क से सदन तक विरोध
रविवार को पटना के करगिल चौक पर एलजेपी (रामविलास) नेताओं ने प्रदर्शन कर आरजेडी के खिलाफ नारेबाजी की और माफी की मांग दोहराई। सोमवार को वही मुद्दा सदन में भी गूंजता रहा।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बिहार की राजनीति में पासवान परिवार की विरासत जातीय समीकरणों से जुड़ी संवेदनशील विषय रही है। ऐसे में एक शब्द ने सियासी तापमान बढ़ा दिया है। फिलहाल, सत्ता पक्ष माफी पर अड़ा है, जबकि आरजेडी पीछे हटने के मूड में नहीं दिख रही। बजट सत्र के बीच यह विवाद आने वाले दिनों में और राजनीतिक रंग ले सकता है।