NEWS PR डेस्क: पटना। राज्य सरकार के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम सात निश्चय-3 के चौथे निश्चय “उन्नत शिक्षा-उज्जवल भविष्य” के तहत पटना जिले में शिक्षा संबंधी योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी, पटना ने की, जिसमें अनुमंडल पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी और अंचल अधिकारी मौजूद रहे।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि सरकार के आदेशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने सभी प्रखंडों में डिग्री कॉलेज खोलने का निर्णय लिया है, ताकि छात्रों—विशेषकर लड़कियों—को उच्च शिक्षा के लिए दूर-दराज़ न जाना पड़े।
7 प्रखंडों में नहीं है कोई डिग्री कॉलेज
समीक्षा के दौरान बताया गया कि पटना जिले के 23 प्रखंडों में से 7 प्रखंड
अथमलगोला, बेलछी, दनियावां, घोसवरी, खुसरूपुर, मनेर तथा संपतचक में वर्तमान में कोई भी अंगीभूत या संबद्ध डिग्री कॉलेज संचालित नहीं है।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि प्रथम चरण में इन सभी सात प्रखंडों में डिग्री कॉलेज की स्थापना की प्रक्रिया तेज़ी से पूरी की जाए और जुलाई 2026 तक पढ़ाई प्रारंभ करा दी जाए।
लड़कियों को मिलेगा बड़ा लाभ
जिलाधिकारी ने कहा कि सभी प्रखंडों में डिग्री कॉलेज की स्थापना से खासकर ग्रामीण क्षेत्रों की छात्राओं को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में काफी सहूलियत मिलेगी। इससे ड्रॉपआउट दर में कमी आएगी और बेटियों को अपने ही क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर मिलेगा।
संस्थानों के उन्नयन पर भी जोर
बैठक में यह भी बताया गया कि जिले के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों के उन्नयन के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की जा रही है। इससे युवाओं को वोकेशनल एवं रोजगारोन्मुख शिक्षा प्राप्त करने में मदद मिलेगी और स्थानीय स्तर पर कौशल विकास को बढ़ावा मिलेगा।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
जिलाधिकारी ने दोहराया कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं उत्कृष्ट शिक्षा उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए सम्पूर्ण प्रशासनिक तंत्र सजग, तत्पर और प्रतिबद्ध है।
शिक्षा के क्षेत्र में यह पहल न केवल बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगी, बल्कि जिले के युवाओं विशेषकर छात्राओं के भविष्य को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।