NEWS PR डेस्क : दो दशकों से अधिक समय तक बिहार की राजनीति के केंद्र में रहे नीतीश कुमार अब राज्यसभा नामांकन के साथ सक्रिय राज्य राजनीति से विदाई ले रहे हैं। उनके लगभग 20 वर्षों के कार्यकाल में बिहार ने कई अहम बदलाव और विकास कार्य देखे।
दो दशकों से अधिक समय तक बिहार की राजनीति के केंद्र में रहे नीतीश कुमार अब सक्रिय राज्य राजनीति से विदाई की ओर बढ़ते दिख रहे हैं। गुरुवार को राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल करने के साथ ही उनके लंबे राजनीतिक दौर के समापन की चर्चा तेज हो गई है। लगभग 20 वर्षों के अपने कार्यकाल में उन्होंने राज्य के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण पहलें कीं। आइए, उनके शासनकाल की 20 प्रमुख उपलब्धियों पर नज़र डालते हैं।
नीतीश कुमार के 20 वर्षों की प्रमुख उपलब्धियां:
महिलाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से त्रिस्तरीय पंचायत और नगर निकायों में 50% आरक्षण की व्यवस्था की गई।
स्कूलों में लड़कियों की पढ़ाई जारी रखने के लिए मुख्यमंत्री बालिका साइकिल और पोशाक योजना शुरू की गई।
जीविका स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत किया गया।
महिलाओं की मांग पर राज्य में पूर्ण शराबबंदी लागू की गई।
सरकारी नौकरियों और पुलिस बल में महिलाओं को 35% आरक्षण दिया गया।
सड़कों के नेटवर्क का व्यापक विस्तार किया गया, जिससे आवागमन आसान हुआ।
राज्य के किसी भी हिस्से से लगभग पांच घंटे में पटना पहुंचने का लक्ष्य हासिल किया गया।
कोसी और गंगा नदियों पर कई बड़े पुलों का निर्माण कराया गया।
वर्ष 2018 तक लगभग हर घर तक बिजली पहुंचाने का लक्ष्य पूरा किया गया।
सात निश्चय योजना के तहत हर घर नल का जल उपलब्ध कराने का काम किया गया।
स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना शुरू कर छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई।
चाणक्य लॉ यूनिवर्सिटी, आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय सहित कई नए शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना की गई।
अपराध पर नियंत्रण के लिए स्पीडी ट्रायल जैसी व्यवस्था लागू की गई।
पर्यावरण संरक्षण और जल प्रबंधन के लिए जल-जीवन-हरियाली अभियान शुरू किया गया।
सात निश्चय योजना के अंतर्गत गांवों में पक्की गली-नली योजना लागू की गई।
उनके कार्यकाल में बिहार की सकल घरेलू उत्पाद (GDP) वृद्धि दर उल्लेखनीय रही।
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए राजगीर में ग्लास ब्रिज, जंगल सफारी और नेचर सफारी विकसित किए गए।
पटना में गंगा पथ और इको पार्क जैसे आधुनिक परियोजनाओं का निर्माण हुआ।
सरकारी सेवाओं को समय पर उपलब्ध कराने के लिए लोक सेवाओं का अधिकार कानून लागू किया गया।
हर घर गंगा जल योजना के तहत राजगीर, गया और नवादा तक पाइपलाइन से गंगा जल पहुंचाने की व्यवस्था की गई।
इस तरह पिछले दो दशकों में कई योजनाओं और परियोजनाओं के जरिए बिहार के बुनियादी ढांचे, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव लाने की कोशिश की गई।