NEWS PR डेस्क : बिहार की राजनीति में आज ऐसा घटनाक्रम सामने आया है, जिसकी उम्मीद शायद ही किसी ने की थी। जनता दल (यूनाइटेड) की हाई-प्रोफाइल बैठक के बाद जो खबरें बाहर आई हैं, उन्होंने बिहार से लेकर नई दिल्ली तक राजनीतिक हलचल तेज कर दी है।
बिहार की राजनीति इन दिनों बड़े बदलावों की अटकलों के बीच चर्चा में है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की संभावनाओं को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है और नए मुख्यमंत्री के चेहरे पर भी चर्चा होने लगी है। इसी बीच एक अहम खबर सामने आई है।
बताया जा रहा है कि जनता दल (यूनाइटेड) की हालिया बैठक में मुख्यमंत्री के बेटे निशांत कुमार को लेकर महत्वपूर्ण फैसला लिया गया। पार्टी के विधायकों ने सर्वसम्मति से उन्हें डिप्टी सीएम बनाने के प्रस्ताव का समर्थन किया है।
सूत्रों के मुताबिक, जदयू विधायकों ने यह भी तय किया है कि सरकार में अहम भूमिका निभाने के लिए निशांत कुमार को जल्द ही विधानमंडल का सदस्य बनाया जाएगा। इसके तहत उन्हें अप्रैल में बिहार विधान परिषद का सदस्य (एमएलसी) बनाया जा सकता है। साथ ही जून में होने वाले नौ सीटों के द्विवार्षिक चुनाव में भी उनकी उम्मीदवारी की चर्चा है।
सरकार में बड़े फेरबदल की तैयारी
जानकारी के अनुसार राज्य सरकार में बड़े स्तर पर फेरबदल की संभावना भी जताई जा रही है। कहा जा रहा है कि जदयू, गृह विभाग को भारतीय जनता पार्टी से वापस लेने की तैयारी में है। सत्ता संतुलन को देखते हुए मंत्रिमंडल में विभागों के बंटवारे में बदलाव हो सकता है। वहीं जदयू के भीतर यह भी चर्चा है कि मुख्यमंत्री पद भाजपा कोटे से देने पर भी सहमति बन सकती है।
पार्टी के अंदर निशांत कुमार को भविष्य के नेतृत्व के रूप में देखा जा रहा है। ऐसे में उन्हें सरकार और संगठन दोनों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देने की तैयारी मानी जा रही है।
विधायक या परिषद सदस्य बनना जरूरी
संवैधानिक नियमों के अनुसार राज्य सरकार में मंत्री या उपमुख्यमंत्री बनने के लिए व्यक्ति का विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य होना अनिवार्य है। यही कारण है कि पहले निशांत कुमार को एमएलसी बनाने की योजना बनाई जा रही है।
हालांकि इन सभी फैसलों को लेकर अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन राजनीतिक हलकों में इसे बिहार की सियासत में संभावित बड़े बदलाव की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।