UPSC AIR 301 विवाद पर आयोग ने किया खुलासा, गाजीपुर की आकांक्षा सिंह ही असली अभ्यर्थी

Amit Singh

NEWS PR डेस्क: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा 2025-26 के परिणाम जारी होने के बाद AIR 301 को लेकर उठे विवाद पर अब स्थिति साफ हो गई है। सोमवार को आयोग ने आधिकारिक जानकारी साझा करते हुए बताया है कि 301वीं रैंक उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले की रहने वाली आकांक्षा सिंह ने हासिल की है। इस रैंक को लेकर दो उम्मीदवारों के बीच दावा किए जाने के बाद यह मामला चर्चा में आ गया था।

पीआईबी द्वारा जारी विवरण के अनुसार, असली अभ्यर्थी का नाम आकांक्षा सिंह है, जिनके पिता का नाम रंजीत सिंह और माता का नाम नीलम सिंह है। उनका पता उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के अभयपुर गांव का है। पीआईबी ने रोल नंबर सहित पूरी जानकारी सार्वजनिक कर स्पष्ट कर दिया कि इसी उम्मीदवार को 301वीं रैंक प्राप्त हुई है।

दरअसल यूपीएससी के परिणाम आने के बाद बिहार और उत्तर प्रदेश की दो महिला उम्मीदवारों ने 301वीं रैंक पर दावा किया था। दोनों का नाम आकांक्षा सिंह होने के कारण भ्रम की स्थिति बन गई थी। हालांकि बाद में बिहार की उम्मीदवार द्वारा साझा किए गए एडमिट कार्ड की जांच में मामला फर्जी पाया गया। एडमिट कार्ड पर मौजूद क्यूआर कोड को स्कैन करने पर पता चला कि रोल नंबर अलग है और वह 301वीं रैंक से मेल नहीं खाता।

गौरतलब है कि यूपीएससी ने 6 मार्च 2026 को सिविल सेवा परीक्षा का अंतिम परिणाम जारी किया था, जिसमें कुल 958 उम्मीदवारों का चयन हुआ है। इनमें 659 पुरुष और 299 महिला अभ्यर्थी शामिल हैं। चयनित उम्मीदवारों को अब प्रशिक्षण के बाद उनकी रैंक और वरीयता के आधार पर भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), भारतीय पुलिस सेवा (IPS), भारतीय विदेश सेवा (IFS) सहित अन्य केंद्रीय सेवाओं में नियुक्ति दी जाएगी।

यूपीएससी की परीक्षा और परिणाम प्रक्रिया बेहद सख्त और पारदर्शी मानी जाती है। ऐसे मामलों में जब एक ही रैंक पर दो दावे सामने आते हैं, तो जांच के बाद वास्तविक अभ्यर्थी की पहचान स्पष्ट कर दी जाती है। इस मामले में भी पीआईबी की पुष्टि के बाद विवाद पूरी तरह समाप्त हो गया है।

Share This Article