किसानों को तकनीक से जोड़कर आय बढ़ाने पर जोर, गांधी मैदान में ‘एग्रो बिहार-2026’ का उद्घाटन

Amit Singh
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NEWS PR डेस्क: पटना । किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़कर खेती को अधिक लाभकारी बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य के साथ पटना के गांधी मैदान में राज्य स्तरीय कृषि यांत्रीकरण मेला ‘एग्रो बिहार-2026’ का गुरुवार को उद्घाटन किया गया। मेले का उद्घाटन राज्य के कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने किया। यह मेला 15 मार्च तक चलेगा।

उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य खेती को आधुनिक बनाना और किसानों की आय बढ़ाना है। इसके लिए किसानों को अनुदानित दर पर आधुनिक कृषि यंत्र उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि लगभग 2 लाख वर्ग फीट क्षेत्र में फैले इस मेले में 100 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं, जहां कृषि की नई और आधुनिक तकनीकों का प्रदर्शन किया जा रहा है।

मंत्री ने कहा कि इस मेले में केवल बिहार ही नहीं बल्कि हरियाणा, गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान, पंजाब, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों के कृषि यंत्र निर्माता भी शामिल हुए हैं। सरकार किसानों को कृषि यंत्रों पर अनुदान दे रही है और यह राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जा रही है, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित हो रही है।

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तकनीक के साथ किसानों का संगम

समारोह में कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल ने कहा कि यह मेला किसानों का तकनीक के साथ संगम है। वर्ष 2011 से पटना में इस मेले का आयोजन किया जा रहा है और इसके माध्यम से किसानों को नई तकनीकों से परिचित कराया जाता है। उन्होंने कहा कि बढ़ती आबादी के कारण खेती पर दबाव बढ़ रहा है, ऐसे में उत्पादन बढ़ाने के लिए आधुनिक तकनीक और यंत्रीकरण बेहद जरूरी है।

उन्होंने बताया कि राज्य में किसानों के पास जोत का आकार छोटा है, इसलिए क्लस्टर खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है ताकि किसान समूह में खेती कर आधुनिक यंत्रों का बेहतर उपयोग कर सकें। साथ ही हर जिले में कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं, जहां से छोटे और सीमांत किसान किराये पर कृषि यंत्र ले सकेंगे।

70 प्रतिशत आबादी कृषि पर निर्भर

इस अवसर पर भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) बिहार के अध्यक्ष गौरव साह ने कहा कि कृषि नवाचार, फार्म मैकेनाइजेशन और उद्योग-किसान साझेदारी को बढ़ावा देने के लिए इस तरह के मेले महत्वपूर्ण मंच साबित होते हैं। उन्होंने कहा कि बिहार की लगभग 70 प्रतिशत आबादी कृषि पर निर्भर है, इसलिए खेती को अत्याधुनिक बनाना समय की जरूरत है।

कृषि निदेशक सौरभ सुमन यादव ने बताया कि राज्य में कृषि को अधिक उत्पादक और लाभकारी बनाने के लिए यंत्रीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी क्रम में 91 प्रकार के कृषि यंत्रों पर किसानों को अनुदान दिया जा रहा है।

चार दिनों तक चलने वाले इस मेले में किसान आधुनिक कृषि यंत्रों, नई तकनीकों और खेती से जुड़े नवाचारों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे, जिससे उन्हें खेती को अधिक लाभकारी बनाने में मदद मिलेगी।

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