NEWS PR डेस्क: बिहार की राजनीति में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और लंबे समय तक आधिकारिक प्रवक्ता रहे मृत्युंजय तिवारी ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता समेत सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल को सौंप दिया। उनके इस फैसले के बाद राज्य की सियासत में नई चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।

“सम्मान नहीं बचा, इसलिए छोड़नी पड़ी पार्टी”
इस्तीफे के बाद मीडिया से बातचीत में मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि उन्होंने वर्षों तक पूरी निष्ठा और अनुशासन के साथ पार्टी के लिए काम किया, लेकिन अब संगठन में उनके जैसे पुराने और समर्पित कार्यकर्ताओं को सम्मान नहीं मिल रहा था। उन्होंने कहा, “हमने पार्टी के लिए पूरी निष्ठा से काम किया, लेकिन अब सम्मान नहीं बचा। ऐसे माहौल में काम करना संभव नहीं था।”
प्रदेश अध्यक्ष को सौंपा इस्तीफा
मृत्युंजय तिवारी ने बताया कि उन्होंने पार्टी कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल और अन्य वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में प्रवक्ता समेत सभी पदों से इस्तीफा सौंप दिया। उनका कहना है कि पिछले कई महीनों से वह संगठन में लगातार उपेक्षा का सामना कर रहे थे।
2014 से निभा रहे थे अहम जिम्मेदारी
मृत्युंजय तिवारी कई दशकों से राष्ट्रीय जनता दल से जुड़े रहे हैं। वर्ष 2014 में लालू प्रसाद यादव ने उन्हें पार्टी का मीडिया प्रभारी और आधिकारिक प्रवक्ता बनाया था। इसके बाद उन्होंने हर बड़े राजनीतिक मुद्दे पर पार्टी का पक्ष मजबूती से रखा और मीडिया में आरजेडी की आवाज बने रहे।
“शिकायत की, लेकिन किसी ने नहीं सुनी”
उन्होंने दावा किया कि पिछले छह से सात महीनों से वह खुद को संगठन में उपेक्षित महसूस कर रहे थे। उन्होंने अपनी नाराजगी कई वरिष्ठ नेताओं के सामने रखी, लेकिन उनकी बातों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। मृत्युंजय तिवारी के अनुसार, पार्टी में कुछ ऐसे लोगों का प्रभाव बढ़ गया है, जिनके सामने बड़े नेता भी खुलकर कुछ नहीं बोल पा रहे हैं। हालांकि उन्होंने किसी व्यक्ति का नाम लेने से इनकार किया।
तेजस्वी यादव को भी बताया था दर्द
उन्होंने कहा कि अपनी नाराजगी की जानकारी उन्होंने कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव को भी दी थी। उनके मुताबिक, तेजस्वी उनकी बात समझते थे, लेकिन उनकी अपनी कुछ मजबूरियां रही होंगी। उन्होंने कहा कि समय आने पर सारी बातें सामने आ जाएंगी।
लालू-राबड़ी का किया जिक्र
मृत्युंजय तिवारी ने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि एक बार उन्हें पार्टी से हटाया गया था, लेकिन उसी दिन लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी ने उन्हें दोबारा जिम्मेदारी सौंप दी थी। उन्होंने कहा कि इस बार हालात अलग हैं और अब पार्टी में बने रहना उनके लिए संभव नहीं था। उन्होंने बताया कि उनकी आखिरी मुलाकात करीब एक महीने पहले तेजस्वी यादव के बेटे के जन्मदिन के अवसर पर हुई थी। इस्तीफा देने के बाद अब तक तेजस्वी यादव की ओर से कोई फोन या बातचीत नहीं हुई है।
भविष्य की राजनीति पर सस्पेंस
अपने अगले राजनीतिक कदम को लेकर मृत्युंजय तिवारी ने कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिया। उन्होंने कहा कि फिलहाल उनका पूरा ध्यान इस्तीफे पर है और आगे क्या फैसला होगा, इसकी जानकारी समय आने पर दी जाएगी। किसी अन्य राजनीतिक दल में शामिल होने की संभावना पर भी उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार किया। मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि वह जीवनभर जनता की सेवा करते रहेंगे। उन्होंने यह भी दोहराया कि उन्होंने पार्टी से कभी कोई निजी लाभ नहीं लिया और सबसे कठिन दौर में भी संगठन के साथ मजबूती से खड़े रहे।
