NEWS PR डेस्क: पटना, 20 मार्च: बिहार सरकार ने राज्य में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) के विस्तार को तेज करने के लिए बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। उप मुख्यमंत्री सह नगर विकास एवं आवास मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि अब गैस पाइपलाइन और वितरण प्रणाली से जुड़ी सभी अनुमतियां संबंधित नगर निकायों द्वारा 24 घंटे के भीतर जारी करनी होंगी।
सरकार के मुताबिक, राज्य के 18 जिला मुख्यालय पटना, गया, नालंदा, बेगूसराय, मुजफ्फरपुर, सारण, समस्तीपुर, मधेपुरा, भोजपुर और पूर्णिया सहित अन्य जिलों में PNG की आधारभूत संरचना पहले से मौजूद है। इन क्षेत्रों में करीब एक लाख घरों तक पाइप के जरिए रसोई गैस पहुंचाई जा रही है।
गैस वितरण कंपनियों ने सरकार को जानकारी दी है कि वे 75 हजार से अधिक नए घरेलू कनेक्शन 24 घंटे के भीतर देने में सक्षम हैं, जबकि 70 हजार से ज्यादा उपभोक्ताओं को एक सप्ताह के भीतर PNG से जोड़ा जा सकता है। इसके अलावा बड़ी संख्या में व्यवसायिक और औद्योगिक इकाइयां भी PNG का उपयोग कर रही हैं।
मंत्री ने कहा कि PNG, LPG की तुलना में अधिक सुरक्षित, किफायती और प्रभावी विकल्प है। साथ ही इसकी आपूर्ति मुख्यतः देश के भीतर ही होती है, जिससे यह ऊर्जा के लिहाज से भी बेहतर विकल्प बनता है। इसी कारण सरकार इसके उपयोग को तेजी से बढ़ावा देना चाहती है।
क्या हैं नए निर्देश?
गैस पाइपलाइन और संयंत्र स्थापना के लिए मांगी गई अनुमति 24 घंटे में देना अनिवार्य
समय सीमा में अनुमति नहीं मिलने पर ‘स्वतः स्वीकृति’ मानी जाएगी
कंपनियों को अपने खर्च पर संरचना बहाली की शर्त पर तुरंत काम की अनुमति
सरकारी गैस कंपनियों को सांकेतिक दर पर भूमि उपलब्ध कराई जाएगी
गैस कंपनियों को 24×7 कार्य करने की छूट
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन जिलों में अभी PNG नेटवर्क पूरी तरह विकसित नहीं हुआ है, जैसे दरभंगा, मधुबनी, सीवान और कटिहार-वहां तेल कंपनियों और नगर निकायों के बीच समन्वय बढ़ाकर काम तेज किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इस फैसले से न सिर्फ शहरी गैस वितरण प्रणाली को गति मिलेगी, बल्कि आम लोगों को सस्ती और सुरक्षित रसोई गैस उपलब्ध कराने में भी बड़ी मदद मिलेगी।