NEWS PR डेस्क: पटना, 23 मार्च: बिहार दिवस के अवसर पर कला एवं संस्कृति विभाग तथा बिहार संगीत नाटक अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित पांच दिवसीय महिला नाट्य उत्सव का भव्य शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने किया।
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित और पुनर्जीवित करने में ऐसे आयोजन महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि आगामी पांच दिनों तक विभिन्न नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से दर्शकों को कला और संस्कृति की उत्कृष्ट झलक देखने को मिलेगी।
मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने कहा कि जिस गति से बिहार विकास की ओर बढ़ रहा है, उसी गति से कला और संस्कृति को भी आगे ले जाना जरूरी है। उन्होंने बताया कि सरकार कलाकारों को प्रोत्साहन देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री कलाकार पेंशन योजना के जरिए वरिष्ठ कलाकारों को सम्मानित किया जा रहा है, वहीं विलुप्त होती लोक कलाओं को संरक्षित करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।

उत्सव के पहले दिन प्रसिद्ध साहित्यकार नागार्जुन के उपन्यास ‘पारो’ पर आधारित नाटक “पारो” का मंचन किया गया, जिसने दर्शकों को गहराई से प्रभावित किया। इस नाटक का रूपांतरण विवेक कुमार ने किया, जबकि निर्देशन शारदा सिंह ने संभाला और संगीत संयोजन संजय उपाध्याय द्वारा किया गया।
नाटक में मिथिला क्षेत्र की सामाजिक कुरीतियों जैसे बाल विवाह, बहुविवाह और बेमेल विवाह का मार्मिक चित्रण प्रस्तुत किया गया। ‘पारो’ नामक 13 वर्षीय बालिका की दर्दनाक कहानी ने दर्शकों को भावुक कर दिया और समाज में व्याप्त कुप्रथाओं पर गंभीर चिंतन के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्य निदेशालय की निदेशक रूबी, संग्रहालय निदेशालय के निदेशक कृष्ण कुमार एवं बिहार संगीत नाटक अकादमी की सहायक सचिव कीर्ति आलोक सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
यह नाट्य उत्सव न केवल मनोरंजन का माध्यम बन रहा है, बल्कि समाज को जागरूक करने और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने का भी महत्वपूर्ण मंच साबित हो रहा है।