NEWS PR डेस्क: पटना, 07 अप्रैल। बिहार सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। अब राज्य के सभी IPS अधिकारियों के कामकाज की निगरानी डिजिटल माध्यम से की जाएगी। इसके लिए केंद्र सरकार के निर्देश पर iGOT Karmayogi Portal को अनिवार्य रूप से लागू कर दिया गया है।
सरकार का यह भी कहना है कि डिजिटल मॉनिटरिंग से यह तय करना आसान होगा कि किस अधिकारी को किस जिम्मेदारी के लिए उपयुक्त माना जाए। इससे न केवल कामकाज में तेजी आएगी, बल्कि प्रशासनिक फैसलों में पारदर्शिता भी बढ़ेगी।
नई व्यवस्था के तहत हर IPS अधिकारी को अपने सेवा काल और जिम्मेदारियों के अनुसार निर्धारित कोर्स पूरे करने होंगे। साथ ही, उन्हें पोर्टल पर अपनी पूरी प्रोफाइल अपडेट रखनी होगी, जिसमें सर्विस डिटेल, कैडर, ट्रेनिंग स्टेटस और जॉब परफॉर्मेंस जैसी अहम जानकारी शामिल रहेगी।
सरकार का मानना है कि इस डिजिटल सिस्टम के जरिए अधिकारियों की कार्यशैली और क्षमता पर सीधी नजर रखी जा सकेगी। यही नहीं, अब केंद्रीय प्रतिनियुक्ति, विशेष पदस्थापन और प्रमोशन जैसे फैसलों में भी अधिकारियों के रिकॉर्ड और प्रदर्शन को प्राथमिक आधार बनाया जाएगा।
इस बदलाव का असर वार्षिक गोपनीय प्रतिवेदन (APAR) पर भी साफ दिखेगा। अगर कोई अधिकारी तय समय पर ट्रेनिंग पूरी नहीं करता या अपनी प्रोफाइल अपडेट नहीं रखता, तो उसके मूल्यांकन पर इसका सीधा असर पड़ेगा। यानी अब लापरवाही की गुंजाइश लगभग खत्म हो जाएगी।
नई व्यवस्था के लागू होने के बाद अब हर IPS अधिकारी का पूरा सर्विस रिकॉर्ड ऑनलाइन उपलब्ध रहेगा। कागजी प्रक्रिया की जगह डिजिटल मूल्यांकन को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे गड़बड़ी की संभावना कम होगी और योग्य अधिकारियों को आगे बढ़ने का बेहतर अवसर मिल सकेगा।
कुल मिलाकर, बिहार में यह पहल प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है, जो भविष्य में सुशासन को और मजबूत कर सकती है।