NEWS PR डेस्क: पटना, 12 अप्रैल। पटना स्थित इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS) में MBBS और PG परीक्षा से जुड़ा कथित पेपर लीक मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। इस पूरे प्रकरण का खुलासा एक बेनामी ईमेल के जरिए हुआ, जिसने संस्थान की परीक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता और सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 11 मार्च को एक अज्ञात ईमेल के माध्यम से परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने की सूचना दी गई थी। इसके बाद 13 मार्च को इस संबंध में औपचारिक शिकायत भी दर्ज कराई गई। हालांकि, आरोप है कि शिकायत के बावजूद तत्काल स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
मामले के तूल पकड़ने के बाद अब करीब 28 दिन बाद संस्थान प्रशासन ने जांच के लिए एक टीम गठित की है। इस देरी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं कि इतने गंभीर आरोपों पर तुरंत संज्ञान क्यों नहीं लिया गया।
संस्थान प्रबंधन का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद ही आधिकारिक तौर पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा। फिलहाल प्रशासनिक स्तर पर कोई स्पष्ट पुष्टि नहीं की गई है।
इस घटना ने मेडिकल शिक्षा जैसे संवेदनशील क्षेत्र में परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह न केवल संस्थान की साख को प्रभावित करेगा, बल्कि छात्रों के भविष्य पर भी गंभीर असर डाल सकता है।