NEWS PR डेस्क: सासाराम, 13 अप्रैल। रोहतास जिले के बघैला थाना क्षेत्र अंतर्गत सियावक गांव में करीब नौ वर्ष पूर्व हुए एक सनसनीखेज हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-19 दिनेश कुमार प्रधान की अदालत ने मुख्य आरोपी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है, साथ ही 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
विश्वास का कत्ल: मौसा ने भतीजे को बनाया शिकार
घटना 2 सितंबर 2017 की है, जब सियावक गांव निवासी वशिष्ठ सिंह ने अपने ही भतीजे अमित कुमार को मछली खिलाने के बहाने घर बुलाया। आरोप है कि इसके बाद उसने युवक की निर्मम हत्या कर दी और शव को गांव के बधार में फेंक दिया।
अगले दिन जब युवक का शव बरामद हुआ, तो इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक के पिता संजय सिंह ने इस मामले में वशिष्ठ सिंह समेत चार लोगों के खिलाफ बघैला थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
लंबी सुनवाई के बाद आया फैसला
मामले में लंबे समय तक चली सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सात गवाह पेश किए गए। साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने वशिष्ठ सिंह को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।
वहीं, दूसरे अभियुक्त संतोष सिंह को पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया।
न्याय की देरी, लेकिन फैसला सख्त
करीब नौ साल बाद आए इस फैसले को पीड़ित परिवार के लिए न्याय के रूप में देखा जा रहा है। यह मामला न सिर्फ रिश्तों में विश्वासघात की एक दर्दनाक कहानी है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि गंभीर अपराधों में देर से ही सही, न्याय मिलता जरूर है।