इस्तीफे की चर्चा के बीच CM नीतीश का ‘ड्रीम प्रोजेक्ट’ निरीक्षण, पटना-बेतिया एक्सप्रेस-वे को बताया गेमचेंजर

Amit Singh
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NEWS PR डेस्क: पटना/सारण, 13 अप्रैल। बिहार की राजनीति में संभावित बदलाव की चर्चाओं के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट पटना-बेतिया एक्सप्रेस-वे का औचक निरीक्षण किया। माना जा रहा है कि यह उनके मौजूदा कार्यकाल का आखिरी बड़ा सरकारी निरीक्षण हो सकता है, क्योंकि उनके इस्तीफे की अटकलें तेज हो गई हैं।

सोमवार को मुख्यमंत्री सारण जिले के बकरपुर-मानिकपुर मार्ग पर पहुंचे, जहां उन्होंने एक्सप्रेस-वे के निर्माणाधीन प्रथम खंड का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि परियोजना को तय समयसीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए।

2027 तक पूरा होगा पहला चरण

पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने जानकारी दी कि यह ग्रीनफिल्ड एक्सप्रेस-वे पटना को बेतिया से जोड़ने वाली एक बड़ी कनेक्टिविटी परियोजना है। इसके पहले चरण को अप्रैल 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। परियोजना पूरी होने के बाद पटना से बेतिया की दूरी महज तीन घंटे में तय की जा सकेगी।

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उत्तर बिहार को मिलेगा विकास का नया रास्ता

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना से न केवल यात्रा समय घटेगा, बल्कि अन्य मार्गों पर ट्रैफिक का दबाव भी कम होगा। उन्होंने इसे उत्तर बिहार के आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे वैशाली, सारण, पूर्वी और पश्चिम चंपारण जिलों को सीधा लाभ मिलेगा।

राजनीतिक हलचल के बीच सक्रियता

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, सचिव कुमार रवि, विशेष कार्य पदाधिकारी डॉ. गोपाल सिंह, सारण के वरीय पुलिस अधीक्षक विनीत कुमार, उप विकास आयुक्त लक्ष्मण तिवारी सहित NHAI के अधिकारी मौजूद रहे।

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