NEWS PR डेस्क: पटना, 14 अप्रैल। बिहार की राजनीति आज एक ऐतिहासिक मोड़ पर खड़ी है। लगभग दो दशकों तक सत्ता संभालने वाले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज अपने पद से इस्तीफा देने जा रहे हैं। इसके साथ ही राज्य में नए नेतृत्व की शुरुआत का काउंटडाउन भी शुरू हो जाएगा।
सूत्रों के अनुसार, 14 अप्रैल का पूरा दिन राजनीतिक रूप से बेहद अहम रहने वाला है, जहां एक ओर नीतीश कुमार अपने कार्यकाल का समापन करेंगे, वहीं दूसरी ओर नई सरकार के गठन की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच जाएगी।
सुबह श्रद्धांजलि से शुरुआत, फिर आखिरी कैबिनेट
दिन की शुरुआत सुबह 10:30 बजे होगी, जब मुख्यमंत्री बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण करेंगे। इसके बाद वे सचिवालय के लिए रवाना होंगे और सुबह 11 बजे अपनी सरकार की आखिरी कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता करेंगे।
यह बैठक उनके लंबे कार्यकाल की अंतिम कैबिनेट मीटिंग मानी जा रही है। इसके तुरंत बाद 11:30 बजे वे सभी विधायकों और विधान पार्षदों के साथ ग्रुप फोटो सेशन में शामिल होंगे।
दोपहर में राजनीतिक हलचल चरम पर
दोपहर 2 बजे मुख्यमंत्री आवास पर जेडीयू विधायक दल की बैठक होगी, जहां नए नेता के चयन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। माना जा रहा है कि इसी बैठक में जेडीयू की ओर से उपमुख्यमंत्री के नाम पर मुहर लग सकती है।
इसके बाद दोपहर 3 बजे भाजपा विधायक दल की बैठक होगी, जिसमें केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में Shivraj Singh Chouhan भी शामिल रहेंगे। इस बैठक में भाजपा अपने विधायक दल के नेता का चयन करेगी, जिसे मुख्यमंत्री पद के लिए प्रस्तावित किया जाएगा।
3:15 बजे इस्तीफा, फिर NDA बैठक में होगा अंतिम फैसला
दिन का सबसे अहम क्षण दोपहर 3:15 बजे आएगा, जब नीतीश कुमार लोकभवन पहुंचकर राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपेंगे। इसके बाद वे वापस मुख्यमंत्री आवास लौटेंगे और फिर शाम 4 बजे विधानसभा के सेंट्रल हॉल में NDA विधायक दल की बैठक में हिस्सा लेंगे।
इस बैठक में भाजपा, जेडीयू समेत NDA के सभी घटक दल—लोजपा (रामविलास), हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा और राष्ट्रीय लोक मोर्चा—के विधायक मौजूद रहेंगे। यहीं पर नए मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम मुहर लगाई जाएगी।
15 अप्रैल को शपथ, नई सरकार का आगाज
राजनीतिक घटनाक्रम के अनुसार, 15 अप्रैल को सुबह 11 बजे नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा। इसके साथ ही बिहार में नए नेतृत्व के साथ नई सरकार का औपचारिक गठन हो जाएगा।
ऐतिहासिक बदलाव की ओर बिहार
नीतीश कुमार का इस्तीफा सिर्फ एक पद परिवर्तन नहीं, बल्कि बिहार की राजनीति में एक युग के अंत के रूप में देखा जा रहा है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि नए मुख्यमंत्री के रूप में कौन राज्य की कमान संभालेगा और आगे की राजनीतिक दिशा क्या होगी।
कुल मिलाकर, 14 और 15 अप्रैल बिहार की राजनीति के लिए निर्णायक दिन साबित होने जा रहे हैं, जो राज्य के भविष्य की नई रूपरेखा तय करेंगे।