NEWS PR डेस्क: पटना, 14 अप्रैल। बिहार की सियासत एक बार फिर निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। नई सरकार के गठन को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं और राजधानी पटना में हलचल बढ़ गई है। एनडीए खेमे में बैठकों का दौर शुरू हो चुका है, जिससे संकेत मिल रहे हैं कि जल्द ही नए मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर लग सकती है।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन पटना पहुंच चुके हैं। दोनों नेताओं की मौजूदगी में बीजेपी विधायक दल की अहम बैठक होने वाली है, जिसके बाद एनडीए विधायक दल अपने नेता का चयन करेगा। यही नेता बिहार का अगला मुख्यमंत्री होगा।
पटना एयरपोर्ट पर इन नेताओं के स्वागत के लिए पार्टी के कई वरिष्ठ चेहरे मौजूद रहे। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा, मंत्री दिलीप जायसवाल, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार और केंद्रीय राज्य मंत्री नित्यानंद राय समेत कई सांसद, विधायक और पदाधिकारी स्वागत के लिए पहुंचे।
इस बीच, मौजूदा सरकार ने भी बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की आखिरी बैठक में मंत्रिपरिषद भंग करने का निर्णय लिया गया, जिससे नई सरकार के गठन का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।
सूत्रों के मुताबिक, नई सरकार का आकार 24 सदस्यीय हो सकता है। इसमें भाजपा कोटे से मुख्यमंत्री सहित 11 मंत्री, जेडीयू से 9 (जिसमें डिप्टी सीएम भी शामिल), एलजेपी (रामविलास) से 2 और हम व आरएलएम से 1-1 मंत्री बनाए जा सकते हैं।
संभावित चेहरों को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। भाजपा की ओर से विजय कुमार सिन्हा, मंगल पांडे, दिलीप जायसवाल और श्रेयसी सिंह के नाम प्रमुखता से लिए जा रहे हैं, जबकि जेडीयू खेमे से विजेंद्र यादव, श्रवण कुमार, अशोक चौधरी और लेसी सिंह जैसे नेताओं की दावेदारी मानी जा रही है।
फिलहाल सबकी निगाहें बीजेपी और एनडीए विधायक दल की बैठकों पर टिकी हैं, जहां से बिहार की नई राजनीतिक तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।