बिहार के ग्रामीण इलाकों में वित्तीय जागरूकता और डिजिटल साक्षरता के लिए एक अनोखी मुहिम चल रही है। बिहार राज्य सहकारी बैंक (बीएससीबी) की ओर से इसको लेकर अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत बैंक के कर्मी ग्रामीण इलाकों में जागरूकता के लिए वित्तीय समावेशन शिविर आयोजित करते हैं और ग्रामीणों को बैंकिंग से जुड़ी जानकारी दी जाती है। उन्हें साइबर फ्रॉड का शिकार होने से बचाने के लिए जागरूक किया जाता है।इन शिविरों में सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी विभिन्न सरकारी योजनाओं जैसे प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और अटल पेंशन योजना के लाभ एवं प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया जा रहा है।बिहार राज्य सहकारी बैंक (बीएससीबी) न सिर्फ राज्य के ग्रामीण इलाकों में बैंकिंग की बेहतर सुविधाएं मुहैया करवा रहा है, बल्कि ग्रामीणों में वित्तीय जागरूकता फैलाकर अपनी सामाजिक जिम्मेदारी को भी बखूबी निभा रहा है। बैंक की ओर से वित्तीय वर्ष 2026-27 में 600 वित्तीय समावेशन शिविरों का आयोजन किया जाना है। इन शिविरों की श्रृंखला की शुरुआत बीते 2 जून को सारण जिले से हो चुकी है। इस दिन जिले के हसनपुर पीडीसीएस परिसर में वित्तीय समावेशन शिविर एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया था। विभिन्न ग्रामीण इलाकों में लगाए जा रहे ऐसे शिविरों में बैंक द्वारा लोगों के नए बचत बैंक खाते भी खोले जा रहे हैं।इसके अलावा यहां बैंक की विभिन्न योजनाओं और उत्पादों की भी जानकारी दी जा रही है, जिनमें सीएएसए अकाउंट, आरएएफए, गोल्ड लोन, धन लक्ष्मी योजना तथा महिलाओं के लिए विशेष ऋण एवं जमा योजनाएं शामिल हैं। इनमें डिजिटल साक्षरता और वित्तीय जागरूकता पर विशेष सत्र आयोजित किए जाते हैं। इसमें लोगों को डिजिटल बैंकिंग, ऑनलाइन लेन-देन और सुरक्षित वित्तीय व्यवहार के प्रति जागरूक किया जा रहा है।बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि इस वित्तीय समावेशन अभियान का उद्देश्य ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं की पहुंच बढ़ाना तथा लोगों को सरकारी एवं बैंकिंग योजनाओं से जोड़ना है।
मंत्री ने की पहल की सराहनासहकारिता विभाग के मंत्री राम कृपाल यादव ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि बिहार राज्य सहकारी बैंक द्वारा ग्रामीण इलाकों में वित्तीय जागरूकता और डिजिटल साक्षरता की मुहिम शुरू करना एक महत्वपूर्ण कदम है।उन्होंने कहा, “गांव-गांव तक डिजिटल बैंकिंग, सुरक्षित लेन-देन और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की जानकारी पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। हमारा प्रयास है कि हर किसान, महिला और युवा साइबर फ्रॉड से बचें और सहकारी बैंक से सीधे जुड़ें।”
