शराबबंदी के 10 साल पूरे, 11 लाख से अधिक मामले दर्ज, 17 लाख की गिरफ्तारी

Amit Singh
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NEWS PR डेस्क: पटना, 27 अप्रैल। मद्यनिषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने दस्तावेज निबंधन के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में विभाग ने 8 हजार 403 करोड़ 46 लाख रुपये का राजस्व संग्रहित किया है, जो निर्धारित लक्ष्य 8 हजार 250 करोड़ रुपये के विरुद्ध 101.86 प्रतिशत है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का महत्वाकांक्षी राजस्व संग्रह लक्ष्य निर्धारित किया है। विभागीय मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने सोमवार को सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के ‘संवाद’ सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए यह जानकारी दी।

मार्च में दस्तावेज निबंधन का बना रिकॉर्ड, एक दिन में 15 हजार दस्तावेज निबंधित

मंत्री ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतिम दिन यानी 31 मार्च को एक दिन में कुल 14 हजार 905 दस्तावेजों का निबंधन किया गया, जिससे 107 करोड़ 74 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। इसके साथ ही 25 मार्च को 80 करोड़ 38 लाख रुपये, 28 मार्च को 85 करोड़ 6 लाख रुपये, 29 मार्च को 83 करोड़ 91 लाख रुपये तथा 30 मार्च को 94 करोड़ 20 लाख रुपये का राजस्व संग्रहित कर शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने आगे कहा कि वर्ष 1995 से 2026 तक के कुल 2 करोड़ 34 लाख दस्तावेज अब तक डिजिटल किए जा चुके हैं। वहीं 1908 से 1994 तक के लगभग 5 करोड़ दस्तावेजों को चालू वित्तीय वर्ष के अंत तक डिजिटलीकरण पूरा करने का लक्ष्य है। साथ ही विशेष विवाह अधिनियम 1954 के तहत पिछले वित्तीय वर्ष में 10 हजार 259 विवाहों का निबंधन किया गया और 2 हजार 648 जोड़ों का विवाह सम्पन्न कराया गया। इसके अलावा 289 संस्थाओं और 306 फर्मों का निबंधन भी किया गया।

जमीन संबंधी काम के लिए नया ऐप

मंत्री ने बताया कि अब तक 7 लाख 86 हजार 37 दस्तावेज महिलाओं के नाम पर निबंधित हुए हैं, जिसमें कुल 60 लाख 89 हजार 589 एकड़ भूमि का अंतरण शामिल है। जमीन संबंधी काम में मानवीय हस्तक्षेप को कम करने के लिए विभाग एक मोबाइल एप्लिकेशन विकसित कर रहा है। इसके माध्यम से पारदर्शी तरीके से लोंगिट्यूड (देशांतर)और लैटिट्यूड कैप्चर करके ई-फाइलिंग की जाएगी। साथ ही भूमि की श्रेणी के सत्यापन के लिए जियोग्राफिक इंफॉर्मेशन सिस्टम (जीआईएस) तकनीक का भी इस्तेमाल किया जाएगा।

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शराबबंदी के 10 साल में 11 लाख से अधिक मामले दर्ज

विभाग के सचिव अजय यादव ने शराबबंदी पर की जा रही कार्रवाई की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 1 अप्रैल 2016 से मार्च 2026 तक शराबबंदी से संबंधित कुल 11 लाख 37 हजार 731 मामले दर्ज किए गए हैं, जिसमें विभाग द्वारा 5 लाख 60 हजार 639 और पुलिस द्वारा 5 लाख 77 हजार 92 मामले दर्ज किए गए। इस दौरान कुल 17 लाख 18 हजार 58 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। कार्रवाई में 2 करोड़ 42 लाख 73 हजार 895 बल्क लीटर देशी शराब और 2 करोड़ 40 लाख 46 हजार 354 बल्क लीटर विदेशी शराब बरामद की गई।

चेक पोस्टों पर 13 हजार से अधिक वाहन जब्त

सचिव ने कहा कि ड्रोन के माध्यम से 1 जनवरी 2022 से मार्च 2026 तक कुल 1 लाख 64 हजार 474 छापेमारियां की गईं हैं। इनमें 8 हजार 834 मामले दर्ज हुए और 5 हजार 90 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। इस दौरान 51 लाख 74 हजार 548 लीटर शराब और 366 वाहन पकड़े गए और 3,926.88 लाख किलोग्राम जावा नष्ट किया गया। उन्होंने आगे बताया कि जलमार्ग और दियारा क्षेत्रों में फरवरी 2022 से मार्च 2026 तक कुल 80 हजार 353 छापेमारियां की गईं, जिसमें 2 हजार 524 मामले दर्ज हुए, 1 हजार 364 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया और 16 लाख 43 हजार 314 लीटर शराब जब्त की गई। साथ ही 1,256.15 लाख किलोग्राम महुआ को नष्ट किया गया। 1 जनवरी 2023 से मार्च 2026 तक 84 चेक पोस्टों (67 अंतर्राज्यीय) पर कुल 1 लाख 78 हजार 68 मामले दर्ज हुए और 2 लाख 92 हजार 39 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया।

बरामदगी का 98 फीसदी शराब हो चुकी नष्ट

मंत्री ने जानकारी दी कि मार्च 2026 तक कुल जब्त शराब का लगभग 98 प्रतिशत नष्ट किया जा चुका है। 1 अप्रैल 2016 से मार्च 2026 तक कुल 1 लाख 67 हजार 447 वाहनों को जब्त किया गया, जिनमें से 80 हजार 207 वाहनों की नीलामी हो चुकी है और 25 हजार 232 वाहनों को पेनाल्टी लेकर मुक्त किया गया है।

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