गया जी, बिहार की पावन भूमि बोधगया एक बार फिर वैश्विक आध्यात्मिक केंद्र के रूप में अपनी विशेष पहचान दर्ज कराने जा रही है। आगामी 1 मई को बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर यहां एक भव्य अंतरराष्ट्रीय आध्यात्मिक तीर्थयात्रा एवं सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है।
इस आयोजन में परम पूज्य जगद्गुरु साईं माँ लक्ष्मी देवी के सान्निध्य में 40 से अधिक देशों के साधक शामिल होंगे। आयोजकों के अनुसार यह केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि पूर्व और पश्चिम की आध्यात्मिक परंपराओं का एक दुर्लभ संगम होगा, जिसे वर्षों में एक बार देखने का अवसर मिलता है।
इस ऐतिहासिक अवसर पर लगभग 90 अंतरराष्ट्रीय साधक, 20 भारतीय साधक, महामंडलेश्वर एवं विश्वभर के संत-महात्मा बोधगया की पावन धरती पर एकत्रित होंगे। इससे क्षेत्र की आध्यात्मिक गरिमा और वैश्विक पहचान को और मजबूती मिलेगी।
इसी क्रम में श्री जगन्नाथ मंदिर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अंतरराष्ट्रीय योग गुरु स्वामी संतोषानंद ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि यह बोधगया के लिए अत्यंत सौभाग्य का क्षण है और यह आयोजन विश्व शांति एवं मानव एकता का संदेश देगा।
स्वामी संतोषानंद ने बिहार सहित देशभर के श्रद्धालुओं से अपील की कि वे इस पावन अवसर पर अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर साईं माँ का आशीर्वाद प्राप्त करें और इस वैश्विक आध्यात्मिक महायात्रा के साक्षी बनें। उन्होंने यह भी बताया कि 1 मई को “अंतरराष्ट्रीय सनातन विराट सम्मेलन” का आयोजन किया जाएगा, जिसका उद्देश्य सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार और उसकी गहन जानकारी को जन-जन तक पहुंचाना है।
बोधगया में ऐतिहासिक आध्यात्मिक महायात्रा, जुटेंगे दुनिया भर के संत-योगी
जहां पूर्व और पश्चिम मिलें, वहीं जन्म ले विश्व शांति का संदेश — बोधगया 2026
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